उत्तराखंड - नेपाल सीमा पर दर्दनाक हादसा, बारात की बस 150 मीटर गहरी खाई में गिरी, 13 की मौत, कई गंभीर घायल

 

पिथौरागढ़/बैतड़ी - भारत-नेपाल सीमा से सटे झूलाघाट क्षेत्र के पार नेपाल के बैतड़ी जिले में गुरुवार देर रात एक भीषण सड़क हादसा हो गया। बारातियों से भरी एक बस अनियंत्रित होकर लगभग 150 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। इस दर्दनाक हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि 34 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। कई घायलों की हालत नाजुक बताई जा रही है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बस बैतड़ी जिले के पुरचुंणी नगरपालिका-7 भवने गांव से दुल्हन को लेकर बजांग जिले के सुनकुडा जा रही थी। रास्ते में पुरचुंणी के बड़गांव मोड़ पर बस संतुलन खो बैठी और गहरी खाई में गिर गई। हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों, नेपाल सशस्त्र पुलिस बल (एपीएफ) और प्रहरी (नेपाल पुलिस) की टीम ने रात के अंधेरे में राहत व बचाव अभियान शुरू किया। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया।जिला प्रहरी कार्यालय बैतड़ी के प्रवक्ता निरीक्षक बलदेव बडू के अनुसार, 6 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। 5 घायलों ने डडेलधुरा अस्पताल में और 2 ने कोटिला अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। गंभीर रूप से घायलों को बेहतर इलाज के लिए धनगढ़ी रेफर किया गया है।

हादसे में जान गंवाने वालों में केशव राज जोशी (40), अशोक राज जोशी (13), बसंत राज जोशी, बिष्णु दत्त जोशी (41), नरेश राज जोशी (42), बिशन दत्त जोशी (17), दीपक जोशी (28), किशन जोशी (46) सहित अन्य शामिल हैं। मृतक अधिकतर बजांग जिले के विभिन्न गांवों के निवासी बताए जा रहे हैं। इसके अलावा मोहन देव भट्ट (60), केशव भट्ट (27), बसंत राज रतला (40), पुष्पा अवस्थी (40) और सुशील जोशी की भी हादसे में मौत हो गई।
बस चालक वीरेंद्र बुढा (निवासी कंचनपुर, भीमदत्त नगरपालिका-7) को मामूली चोटें आई हैं। पुलिस ने उसे अपने नियंत्रण में ले लिया है।

प्रथम दृष्टया हादसे का कारण बस की ओवरलोडिंग माना जा रहा है। आशंका है कि अधिक सवारियों के कारण चढ़ाई वाले मार्ग पर बस का संतुलन बिगड़ गया और वह खाई में जा गिरी। प्रशासन ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। सीमा पार हुए इस हादसे से भारत और नेपाल दोनों ओर के इलाकों में शोक की लहर है। शादी की खुशियां पल भर में मातम में बदल गईं और कई परिवार अपने अपनों को खो बैठे।