उत्तराखंड - 30 सीटर बस में 103 यात्री ठूंसे, प्रशासन के उड़े होश एआरटीओ ने बस सीज की, भारी भरकम हुआ चालान
रुद्रपुर - रोजगार की तलाश में यूपी से पंजाब जा रहे मजदूरों को लेकर दौड़ रही एक बस में क्षमता से तीन गुना से अधिक यात्री मिलने से परिवहन विभाग में हड़कंप मच गया। मंगलवार देर रात रुद्रपुर के लालपुर टोल के पास चेकिंग के दौरान यूपी नंबर की बस में महज 30 स्लीपर सीटों के परमिट के बावजूद 103 यात्री सवार मिले। यात्रियों ने आरोप लगाया कि उनसे करीब 800-800 रुपये किराया लिया गया और विरोध करने पर रास्ते में उतारने की धमकी दी गई। बस के अंदर यात्रियों की संख्या देखकर चेकिंग टीम के अधिकारी भी हैरान रह गए। यात्रियों के मुताबिक, उन्हें यूपी के अलग-अलग इलाकों से बस में बैठाकर पंजाब ले जाया जा रहा था। क्षमता से कई गुना अधिक यात्रियों को बैठाए जाने के कारण लोगों को बेहद असुविधाजनक परिस्थितियों में सफर करना पड़ा।
30 सीटों पर 103 यात्री -
परिवहन विभाग के अनुसार बस के परमिट में 30 स्लीपर सीटें दर्ज थीं, लेकिन जांच के दौरान उसमें 103 यात्री मिले। ओवरलोडिंग के अलावा बस के परमिट और फिटनेस से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की गई। विभाग ने बस को सीज करते हुए 1.34 लाख रुपये का चालान किया।
यात्रियों को आगे के सफर के लिए सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराई गई। अधिकारियों ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले वाहन संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
विरोध किया तो रास्ते में उतारने की धमकी -
बस में सवार मजदूरों ने अधिकारियों को बताया कि क्षमता से अधिक लोगों को बस में बैठाए जाने का उन्होंने विरोध किया था। आरोप है कि परिचालक ने विरोध करने वाले यात्रियों को रास्ते में उतार देने की धमकी दी। रोजगार की मजबूरी के चलते मजदूरों ने सफर जारी रखा। यात्रियों का यह भी कहना था कि महिला यात्रियों के लिए भी पर्याप्त अलग व्यवस्था नहीं थी और उन्हें भीड़ के बीच सफर करना पड़ा।
300 किलोमीटर के सफर में चेकिंग पर सवाल -
मामले ने परिवहन व्यवस्था और चेकिंग को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। बस यूपी के विभिन्न क्षेत्रों से होते हुए करीब 300 किलोमीटर का सफर तय कर उत्तराखंड सीमा तक पहुंच गई, लेकिन रास्ते में इसकी जांच क्यों नहीं हुई, यह सवाल अब अधिकारियों के सामने है।
बॉर्डर क्षेत्र में बढ़ाई निगरानी -
ओवरलोड बसों के लगातार सामने आ रहे मामलों को देखते हुए बॉर्डर क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है। एआरटीओ और परिवहन निगम की टीमें रात के समय विशेष चेकिंग अभियान चला रही हैं। अधिकारियों के अनुसार अब तक चार बसों को सीज कर चालान किया जा चुका है।
एआरटीओ प्रशासन मोहित कोठारी ने कहा कि क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जा रही है। ओवरलोड बसों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।