Kumaon Crime - यहां 13 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म कर की हत्या, गन्ने के खेत में मिला शव, लोगों ने किया हाईवे जाम 

 

Kumaon Crime - उत्तराखंड में आपराधिक घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही है, उधम सिंह नगर जिले के जसपुर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में 13 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म फिर हत्या का मामला सामने आया है। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। जिसके बाद हत्यारोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर ग्रामीणों ने हाईवे जाम कर दिया। जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए जसपुर और आसपास के थाना क्षेत्र की पुलिस को मौके पर तैनात कर दिया गया है। 


जसपुर के ग्राम अमियावाला निवासी एक किशोरी तालबपुर के सरकारी स्कूल में कक्षा आठ में पढ़ती थी। वह अपने परिवार में सबसे बड़ी किशोरी थी। मंगलवार को वह दोपहर लगभग दो बजे घर से बाहर गांव में गई थी। देर शाम जब वह घर नहीं पहुंची तो उसकी माता उसे तलाश करने के लिए निकल पड़ी। घर से महज 50 मीटर की दूरी पर किशोरी खून से लथपथ हालत में गन्ने के खेत में पड़ी दिखाई दी। यह देखकर माता के होश उड़ गए। चीख पुकार सुनकर ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए।  ऐसे में परिजन और ग्रामीण उसे आनन-फानन में सरकारी अस्पताल जसपुर ले गए. जहां डॉक्टरों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया। 

डॉ. आशु सिंघल, चिकित्सा अधिकारी, सीएचसी जसपुर कि बच्ची की मौत हो चुकी थी, उसके मुंह से झाग निकल रहा था। पेट और हाथों पर चाकुओं से बने कई गहरे घाव थे. उसका पजामा खून से सना हुआ था और बाएं हाथ की दोनों हड्डियां टूटी हुई थीं। 


वहीं, घटना की सूचना पर पुलिस-प्रशासन मौके पर पहुंचा और स्थिति संभालने की कोशिश की। जसपुर सीओ दीपक कुमार सिंह ने बताया कि कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। घटना बेहद गंभीर है और जांच में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। 


उधर, बच्ची की हत्या की खबर फैलते ही गांव और आसपास के क्षेत्रों के लोग बड़ी संख्या में सड़कों पर उतर आए। ग्रामीणों ने जसपुर-काशीपुर हाईवे को जाम कर दिया और सरकारी अस्पताल के बाहर भी मार्ग अवरुद्ध कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब तक दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती या उन्हें कड़ी सजा नहीं दी जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा ग्रामीणों ने हत्यारों की तत्काल गिरफ्तारी को लेकर हंगामा किया। उनकी मांग थी कि जेल में बंद किशोरी के पिता को जेल से इसी वक्त यहां बुलाया जाए। उन्होंने इस कारण शव को पोस्टमार्टम के लिए उठाने भी नहीं दिया। देर रात एसपी क्राइम निहारिका तोमर, एसपी काशीपुर अभय प्रताप सिंह एवं विधायक आदेश सिंह चौहान के समझाने के बाद लोग अस्पताल में शांत हुए।