हल्द्वानी - फिर अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ा हल्द्वानी का क्रिकेट टूनामेंट, खेल विभाग और आयोजकों के बीच हुई तनातनी
हल्द्वानी - गौलापार अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में आयोजित लीजेंड्स लीग क्रिकेट टूर्नामेंट अव्यवस्थाओं और भुगतान विवाद के चलते बीच में ही थम गया। खेल विभाग और आयोजकों के बीच बढ़ती तनातनी के बाद विभाग ने स्टेडियम में आगे किसी भी मैच के आयोजन से साफ इनकार कर दिया है। टूर्नामेंट 11 से 14 मार्च तक प्रस्तावित था, जिसे बाद में बढ़ाकर 28 मार्च तक कर दिया गया था।
हालांकि, आयोजन के दौरान लगातार भुगतान संबंधी समस्याएं सामने आती रहीं, जिससे कई मैच समय पर शुरू नहीं हो सके। आयोजकों पर स्टेडियम किराया, बाउंसर, कर्मचारियों और अन्य स्टाफ के भुगतान में लापरवाही के आरोप भी लगे हैं। मंगलवार को विवाद उस समय बढ़ गया जब खेल विभाग ने मुख्य गेट बंद कर दिया और खिलाड़ियों की बसों को स्टेडियम में प्रवेश नहीं करने दिया। इसके बाद विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए आगे के मैचों की अनुमति देने से इनकार कर दिया।
खेल विभाग के अनुसार, आयोजकों को प्रतिदिन ढाई लाख रुपये का भुगतान करना था। विभाग का कहना है कि मंगलवार तक के मैचों का भुगतान प्राप्त हो चुका है और 10 लाख रुपये की सिक्योरिटी मनी भी जमा कराई गई है। इसके बावजूद अन्य व्यवस्थाओं में लगातार लापरवाही देखी गई।
आयोजन के लिए उपलब्ध कराई गई हाईमास्ट लाइटों और जनरेटर के उपयोग का अतिरिक्त किराया भी आयोजकों को देना होगा। वहीं, स्टेडियम में खराब सफाई व्यवस्था को देखते हुए विभाग ने स्वयं सफाई कार्य शुरू कर दिया है, जिसका खर्च आयोजकों की सिक्योरिटी राशि से काटा जाएगा। इस बीच, दर्शकों में भारी निराशा देखी जा रही है। इससे पहले भी इसी स्टेडियम में प्रस्तावित एक अन्य क्रिकेट लीग अंतिम समय पर रद्द हो गई थी। अब लीजेंड्स लीग के मुकाबले भी बंद होने से खेलप्रेमियों की उम्मीदों को झटका लगा है।
स्थानीय स्तर पर भी नाराजगी सामने आई है। आयोजन में जुड़े करीब 60 बाउंसर और अन्य कर्मचारियों ने भुगतान न मिलने पर काम छोड़ दिया। स्थानीय युवाओं का भुगतान भी अभी तक लंबित है, जिन्हें 40 दिन बाद भुगतान का आश्वासन दिया गया है। खेल विभाग की उपनिदेशक राशिका सिद्दीकी ने स्पष्ट किया कि लगातार भुगतान में देरी और अव्यवस्थाओं के चलते यह निर्णय लिया गया है और अब स्टेडियम में एक भी मैच आयोजित नहीं होगा।