हल्द्वानी - ‘सारथी नेविगेटिंग लाइफ’ का शुभारंभ, मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक कल्याण को मिलेगा नया आयाम
हल्द्वानी - मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक कल्याण और सकारात्मक जीवनशैली के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में हल्द्वानी में ‘सारथी नेविगेटिंग लाइफ’ (SAARTHI Navigating Life) का शुभारंभ किया गया। हीरा नगर स्थित इस काउंसलिंग एवं वेलनेस सेंटर का उद्घाटन बजाज हॉस्पिटल के न्यूरोसर्जन अजय बजाज ने किया। अजय बजाज उजाला सिग्नस सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल से भी जुड़े हुए हैं। इस अवसर पर चिकित्सा जगत, शिक्षा क्षेत्र, विद्यालय प्रबंधन, मनोविज्ञान, अभिभावक समुदाय और युवा पीढ़ी से जुड़े कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
इस संस्थान की स्थापना डॉ. ईशिका वर्मा और सुश्री तुलिका रस्तोगी ने की है। इसका उद्देश्य लोगों को एक सुरक्षित, संवेदनशील और सहयोगपूर्ण वातावरण उपलब्ध कराना है, जहां वे अपनी भावनात्मक, व्यवहारिक, सामाजिक और व्यक्तिगत चुनौतियों को समझ सकें और उनके समाधान की दिशा में आगे बढ़ सकें।
कार्यक्रम में न्यूरोसर्जन अजय बजाज के साथ डीपीएस के स्वामी श्री अग्रवाल, सिंथिया ग्रुप ऑफ एजुकेशन के स्वामी डॉ. प्रविंद्र रौतेला, हल्द्वानी के प्रतिष्ठित चिकित्सक, विद्यालय संचालक, शिक्षाविद्, अभिभावक और जेनरेशन Z के युवा विशेष रूप से उपस्थित रहे। विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों की सहभागिता ने मानसिक स्वास्थ्य को व्यक्तिगत कल्याण के साथ-साथ सामाजिक और शैक्षिक विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने की आवश्यकता को रेखांकित किया।
लोगों को स्वयं को समझने और चुनौतियों से निपटने में मिलेगी मदद -
‘सारथी नेविगेटिंग लाइफ’ का उद्देश्य केवल समस्याओं के समाधान तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों को स्वयं को समझने, अपनी भावनाओं को पहचानने, व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाने और जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए सक्षम बनाना भी है। संस्थान का संदेश है— “आपको जीवन की चुनौतियों का सामना अकेले करने की आवश्यकता नहीं है।”
संस्थान में भावनात्मक कल्याण, व्यवहारिक कल्याण, करियर मार्गदर्शन, सामाजिक कल्याण और टॉकिंग कंपैनियन जैसी सेवाओं के माध्यम से लोगों को सहयोग प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही संज्ञानात्मक व्यवहार चिकित्सा (CBT), आर्ट थेरेपी, म्यूजिक थेरेपी, प्ले थेरेपी, माइंडफुलनेस प्रशिक्षण, भावनात्मक बुद्धिमत्ता प्रशिक्षण और लाइफ कोचिंग जैसी सेवाएं भी संस्थान की कार्ययोजना का हिस्सा हैं।
इसके अतिरिक्त, EEG (इलेक्ट्रोएन्सेफेलोग्राफी) जैसी तकनीकों और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के प्रति जागरूकता को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। इन पहलों के माध्यम से लोगों को मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक कल्याण से जुड़ी जरूरतों को बेहतर ढंग से समझने के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया जाएगा।
स्क्रीन टाइम, पढ़ाई के दबाव और करियर की उलझनों पर रहेगा फोकस -
आज के समय में बढ़ते स्क्रीन टाइम, पढ़ाई के दबाव, करियर संबंधी असमंजस और भावनात्मक तनाव जैसी चुनौतियां लोगों के जीवन को प्रभावित कर रही हैं। ऐसे में ‘सारथी नेविगेटिंग लाइफ’ का लक्ष्य मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े संकोच और सामाजिक भ्रांतियों को कम करना तथा लोगों को जरूरत पड़ने पर उचित सहायता लेने के लिए प्रेरित करना है।
संस्थान इस बात पर जोर देता है कि मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को भी जीवन के अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं की तरह प्राथमिकता दी जानी चाहिए। समय रहते अपनी भावनाओं और व्यवहार को समझना तथा जरूरत के अनुसार विशेषज्ञों से सहयोग लेना सकारात्मक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।
सहायता मांगना कमजोरी नहीं, आत्म-जागरूकता की दिशा में कदम
‘सारथी नेविगेटिंग लाइफ’ का मूल संदेश है “आपकी भावनाएं महत्वपूर्ण हैं, आपकी बात सुनी जानी चाहिए और सहायता मांगना कमजोरी नहीं, बल्कि आत्म-जागरूकता की दिशा में एक कदम है।” इसी भावना के साथ संस्थान लोगों को ऐसा वातावरण उपलब्ध कराना चाहता है, जहां वे बिना किसी संकोच के अपनी बात रख सकें, अपनी चुनौतियों को समझ सकें और जीवन में सकारात्मक बदलाव की दिशा में आगे बढ़ सकें। हल्द्वानी में इस पहल को मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक कल्याण और सकारात्मक जीवनशैली के प्रति जागरूकता बढ़ाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।