हल्द्वानी - प्रमोद तोलिया एवं हिमालयन इम्पैक्ट ट्रस्ट ने आदि कैलाश रन के अंतरराष्ट्रीय धावकों को किया सम्मानित

 

हल्द्वानी। आदि कैलाश रन में प्रतिभाग करने पहुंची भारतीय अल्ट्रा मैराथन टीम के अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त धावकों का हल्द्वानी में सम्मान किया गया। व्यवसायी एवं भाजपा नेता प्रमोद तोलिया तथा हिमालयन इम्पैक्ट ट्रस्ट की ओर से आयोजित सम्मान समारोह में खिलाड़ियों की उपलब्धियों, अनुशासन और दृढ़ संकल्प की सराहना की गई। कार्यक्रम में ट्रस्ट की संस्थापक श्रुति तिवारी भी मौजूद रहीं।

 

 

सम्मानित होने वाले धावकों में एशियाई चैंपियन अमर देवंदा, जीनो एंटनी, सौरव रंजन, उत्तराखंड के सौरव गौरव गोस्वामी और सुनीता सुब्बा शामिल रहे। अमर देवंदा ने 24 घंटे की दौड़ में 282 किलोमीटर की दूरी तय की है, जबकि 100 किलोमीटर की दौड़ को 6 घंटे 59 मिनट में पूरा करने की उपलब्धि भी उनके नाम है। जीनो एंटनी ने 24 घंटे की विश्व चैंपियनशिप में 265 किलोमीटर की दूरी तय कर 10वां स्थान हासिल किया था। वहीं, सौरव रंजन 24 घंटे की दौड़ में एशियाई कांस्य पदक जीत चुके हैं।

उत्तराखंड के सौरव गौरव गोस्वामी ने ग्रीस में आयोजित 244 किलोमीटर की प्रतिष्ठित स्पार्टाथलॉन दौड़ में विश्व स्तर पर 16वां स्थान प्राप्त किया। वहीं, सुनीता सुब्बा 24 घंटे में 224 किलोमीटर की दूरी तय करने वाली पूर्व भारतीय राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक हैं।

समारोह के दौरान अतिथियों ने धावकों की उपलब्धियों को युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि अल्ट्रा मैराथन जैसे चुनौतीपूर्ण खेलों में सफलता हासिल करने के लिए शारीरिक क्षमता के साथ-साथ मानसिक मजबूती, निरंतर अभ्यास और अनुशासन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

हिमालयन इम्पैक्ट ट्रस्ट कुमाऊं क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत एक गैर-सरकारी संगठन है। ट्रस्ट की ओर से आयोजित यह सम्मान कार्यक्रम खेल प्रतिभाओं का उत्साहवर्धन करने और युवाओं को साहसिक खेलों के प्रति प्रेरित करने की दिशा में एक पहल है।

24 से 26 अक्टूबर तक होगा आदि कैलाश परिक्रमा रन-

उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड की ओर से आदि कैलाश परिक्रमा रन का आयोजन 24 से 26 अक्टूबर 2026 तक पिथौरागढ़ जिले की व्यास घाटी में किया जाएगा। इस आयोजन का उद्देश्य सीमांत क्षेत्रों में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देना और उत्तराखंड को अल्ट्रा मैराथन एवं साहसिक खेलों के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करना है। इस तरह के आयोजनों से क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता, पर्यटन संभावनाओं और स्थानीय पहचान को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने की उम्मीद है।