हल्द्वानी- गोरापड़ाव लूटकांड का खुलासा, कर्ज और आर्थिक तंगी से निकलने के लिए रची डकैती की साजिश, दो आरोपी गिरफ्तार
हल्द्वानी - गोरापड़ाव में 19 अगस्त की रात हुई लाखों रुपये की डकैती का नैनीताल पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मामले में दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से 31 हजार रुपये और चार जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार वारदात में करीब 10 हथियारबंद बदमाश शामिल थे, जिनमें से अन्य आरोपितों की तलाश की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक 19 अगस्त की रात गोरापड़ाव में केआईए शोरूम के पीछे स्थित कार्यालय/गैराज में हथियारबंद बदमाशों ने धावा बोलकर करीब आठ लाख रुपये नकद, 12 मोबाइल फोन और तीन सोने की चेन व अंगूठियां लूट ली थीं। घटना के बाद कोतवाली हल्द्वानी में मुकदमा दर्ज किया गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी ने करीब 50 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की विशेष टीम गठित की। टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, सर्विलांस और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से जांच शुरू की। जांच के दौरान वंशप्रीत सिंह उर्फ पन्नू निवासी सितारगंज और रखवीर सिंह निवासी शीषगढ़, बरेली को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया।
पुलिस के अनुसार पूछताछ में सामने आया कि किच्छा निवासी यश सिडाना जुए में लाखों रुपये हार गया था और आर्थिक तंगी से गुजर रहा था। इसके बाद आरोपितों ने गोरापड़ाव में डकैती की योजना बनाई। वारदात से पहले घटनास्थल की रेकी की गई और फिर नकाब पहनकर हथियारों के बल पर लूट को अंजाम दिया गया।
पुलिस के मुताबिक वारदात के बाद आरोपितों ने लूटे गए मोबाइल फोन रास्ते में फेंक दिए, ताकि डिजिटल सुराग न मिल सके। लूटी गई रकम आपस में बांट ली गई। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में बीएनएस की धारा 61(2) और 317(3) की बढ़ोतरी की गई है।
गिरफ्तार आरोपित रखवीर सिंह के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट के मामले भी शामिल हैं। वहीं वंशप्रीत सिंह का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। पुलिस अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
मामले के खुलासे में थाना पुलिस, एसओजी, साइबर टीम, क्राइम विशेषज्ञ, बीडीएस और डॉग स्क्वायड की टीम शामिल रही। पुलिस टीम के उत्साहवर्धन के लिए एसएसपी नैनीताल ने ढाई हजार रुपये के पुरस्कार की घोषणा की है।