हल्द्वानी - बनभूलपुरा रेलवे भूमि अतिक्रमण मामला, सुप्रीम कोर्ट में इस दिन होगी अब अगली सुनवाई, जानिए तारीख 

 

हल्द्वानी - हल्द्वानी के चर्चित बनभूलपुरा रेलवे भूमि अतिक्रमण मामले में सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए पुनर्वास प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा है कि हल्द्वानी रेलवे स्टेशन और उसके आसपास स्थित रेलवे एवं सरकारी भूमि पर वर्षों से बने अवैध कब्जों के मामले में प्रभावित परिवारों की पात्रता तय कर उन्हें पुनर्वास योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाए।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति Joymalya Bagchi की पीठ ने 24 फरवरी को हुई सुनवाई के बाद जारी आदेश में कहा कि हल्द्वानी रेलवे स्टेशन के आसपास लगभग 30 हेक्टेयर से अधिक सार्वजनिक भूमि पर लंबे समय से अतिक्रमण है। इस क्षेत्र में करीब 4,365 मकान बने हुए हैं, जिनमें 50 हजार से अधिक लोग निवास कर रहे हैं।

अदालत की प्रमुख टिप्पणियां - 
पीठ ने कहा कि रेलवे परियोजना के लिए भूमि की आवश्यकता को देखते हुए वर्तमान स्थिति को अनिश्चितकाल तक जारी नहीं रहने दिया जा सकता। हालांकि, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रभावित परिवारों के साथ मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाए और वैधानिक प्रावधानों के तहत पात्र लोगों को पुनर्वास योजनाओं का लाभ दिया जाए।

अदालत ने राज्य सरकार और रेलवे प्रशासन को निर्देश दिया कि वे संयुक्त रूप से सर्वे कर पात्र परिवारों की पहचान करें तथा पुनर्वास की ठोस कार्ययोजना तैयार करें। साथ ही, पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से संपन्न करने पर जोर दिया गया है।

अगली सुनवाई 28 अप्रैल 2026 को - 
शीर्ष अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 28 अप्रैल 2026 को निर्धारित की है। तब तक संबंधित एजेंसियों को प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। यह मामला लंबे समय से कानूनी और सामाजिक दृष्टि से संवेदनशील बना हुआ है। अदालत के ताजा आदेश के बाद अब पुनर्वास प्रक्रिया को लेकर प्रशासनिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है।