उत्तराखंड - ऑनलाइन गेमिंग के लालच में युवक ने गंवाए 1.77 करोड़ रूपये, साइबर ठगों के खातों में भेजी रकम
देहरादून - उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर बड़ी साइबर ठगी का मामला सामने आया है। झबरेड़ा निवासी 18 वर्षीय युवक ने रातों-रात करोड़ों रुपये कमाने के लालच में करीब 1 करोड़ 77 लाख रुपये साइबर ठगों के खातों में ट्रांसफर कर दिए। इस मामले में साइबर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित युवक ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई कि वह पिछले एक साल से ऑनलाइन गेमिंग के जाल में फंसा हुआ था। ठगों ने उसे वीआईपी गेमिंग और बड़े मुनाफे का लालच देकर अपने जाल में फंसाया। शुरुआत में उसे छोटे-छोटे मुनाफे दिखाए गए, जिससे उसका भरोसा जीत लिया गया। इसके बाद हार-जीत के खेल में उलझाकर उससे लगातार पैसे ट्रांसफर करवाए गए।
जनवरी 2025 से दिसंबर 2025 के बीच ट्रांसफर किए पैसे -
युवक ने बताया कि जनवरी 2025 से दिसंबर 2025 के बीच उसने अपने और अपने पिता के पांच अलग-अलग बैंक खातों से यूपीआई के माध्यम से कुल ₹1.77 करोड़ साइबर ठगों के खातों में भेज दिए।
विदेशी व्हाट्सएप नंबरों का इस्तेमाल -
जांच में सामने आया है कि ठगी के लिए नाइजीरिया और श्रीलंका समेत अन्य देशों के व्हाट्सएप नंबरों का इस्तेमाल किया गया। ठगों ने पहले स्पोर्ट्स बेटिंग और अन्य गेमिंग ऐप्स के जरिए युवक को छोटे मुनाफे का लालच दिया। जब युवक ने अपना सारा पैसा गंवा दिया और रकम वापस मांगी तो ठगों ने संपर्क तोड़ दिया।
एक्सप्रेस-वे के मुआवजे के पैसे हुए थे खाते में जमा -
पुलिस पूछताछ में पता चला कि युवक किसान परिवार से है। उसके पिता की जमीन दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए अधिग्रहित की गई थी, जिसके बदले मुआवजे की बड़ी रकम उनके बैंक खाते में आई थी। युवक बीसीए प्रथम वर्ष का छात्र है और वही अपने पिता के बैंक खातों का लेन-देन संभालता था।
नुकसान की भरपाई की उम्मीद में खेलता रहा गेम-
युवक को उम्मीद थी कि वह गेमिंग ऐप के जरिए अपनी रकम दोगुनी कर देगा। जब उसे नुकसान होने लगा तो वह रकम वापस जीतने की उम्मीद में लगातार खेलता रहा। पूरे साल में उसने लाखों रुपये गंवा दिए, लेकिन परिवार को इसकी जानकारी तब हुई जब लगभग पूरी रकम खत्म हो चुकी थी।
पुलिस ने दर्ज किया मामला -
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि पीड़ित की शिकायत के आधार पर अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह गेमिंग और निवेश के नाम पर युवाओं को निशाना बना रहे हैं। लोगों को सलाह दी गई है कि किसी भी अनजान व्हाट्सएप लिंक पर क्लिक न करें और अधिक मुनाफे के लालच में पैसे ट्रांसफर करने से बचें।