उत्तराखंड - जंगल की आग बनी जानलेवा, महिला और फायर वाचर की दर्दनाक मौत, लोगों में वन विभाग के पार्टी आक्रोश
उत्तराखंड - प्रदेश के जंगलों में लगातार फैल रही आग अब जानलेवा साबित होने लगी है। टिहरी गढ़वाल और चमोली जिले में जंगल की आग बुझाने के दौरान दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। घटनाओं के बाद स्थानीय लोगों में विभाग के प्रति भारी आक्रोश है और प्रभावित परिवारों के लिए मुआवजे की मांग तेज हो गई है।
गांव को बचाने गई महिला की मौत -
टिहरी गढ़वाल के कीर्तिनगर विकासखंड स्थित पैंडुला गांव निवासी 50 वर्षीय अंजू देवी जंगल की आग बुझाने के दौरान आग की चपेट में आ गईं। बताया जा रहा है कि जंगल से उठी आग तेजी से गांव की ओर बढ़ रही थी। घरों और ग्रामीणों को खतरे में देख अंजू देवी खुद आग बुझाने के लिए जंगल की तरफ चली गईं। ग्रामीणों के अनुसार महिला घर से करीब 150 मीटर दूर पहुंची थी, तभी आग ने उन्हें घेर लिया। गंभीर रूप से झुलसने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। देर रात तक घर वापस नहीं लौटने पर परिजनों और ग्रामीणों ने खोजबीन शुरू की, जिसके बाद घटना की जानकारी सामने आई।
चमोली में फायर वाचर खाई में गिरा -
वहीं चमोली जिले के बेड़ूबगढ़ बिरही क्षेत्र में जंगल की आग बुझाने गए फायर वाचर राजेंद्र सिंह नेगी (42) की भी मौत हो गई। वह वन विभाग की टीम के साथ चीड़ के जंगल में लगी आग पर काबू पाने के अभियान में जुटे थे। वन विभाग के अनुसार बुधवार दोपहर आग भड़कने के बाद टीम को मौके पर भेजा गया था। देर शाम तक आग काफी हद तक नियंत्रित कर ली गई, लेकिन राजेंद्र सिंह टीम के साथ वापस नहीं लौटे। सूचना के बाद एसडीआरएफ और वन विभाग की टीम ने रातभर सर्च ऑपरेशन चलाया। गुरुवार सुबह उनका शव करीब 70 मीटर गहरी खाई में मिला। शव आग से बुरी तरह झुलसा हुआ था। आशंका है कि आग बुझाने के दौरान वह पहाड़ी से नीचे गिर गए।
मुआवजे और सरकारी नौकरी की मांग -
दोनों घटनाओं के बाद स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों ने सरकार से मृतकों के परिवारों को 50 लाख रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। जंगलों में बढ़ती आग को लेकर भी लोगों ने सरकार और वन विभाग से ठोस कदम उठाने की अपील की है।