उत्तराखंड - धोखे से शादी और शारीरिक शोषण के आरोप में वन विभाग के एसडीओ गिरफ्तार, पढ़िए क्या है पूरा मामला
देहरादून - कोतवाली विकासनगर पुलिस ने चकराता वन प्रभाग में तैनात एसडीओ राजीव नयन नौटियाल को धोखे से विवाह कर शारीरिक शोषण, दहेज उत्पीड़न और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को दिनकर विहार स्थित उसके आवास से गिरफ्तार किया। मामले की जांच जारी है। पुलिस के अनुसार, 12 जुलाई को ऋषिकेश क्षेत्र की एक महिला ने तहरीर देकर आरोप लगाया कि वर्ष 2025 में उसकी पहचान राजीव नयन नौटियाल से हुई थी। आरोपी ने स्वयं को पत्नी से तलाकशुदा बताते हुए कथित रूप से फर्जी तलाक संबंधी दस्तावेज दिखाए। महिला का आरोप है कि इसी आधार पर वर्ष 2026 में दोनों का विवाह हुआ, जबकि बाद में पता चला कि आरोपी का अपनी पहली पत्नी से तलाक हुआ ही नहीं था।
महिला ने आरोप लगाया कि विवाह के बाद आरोपी ने उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए, दहेज की मांग की और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी ने अपने पहले विवाह और तलाक की वास्तविक स्थिति छिपाकर महिला से विवाह किया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
पहले भी रहे विवादों में -
राजीव नयन नौटियाल का नाम इससे पहले भी कई मामलों में सामने आ चुका है। उनकी पहली पत्नी ने दहेज उत्पीड़न, मारपीट और मानसिक प्रताड़ना का मामला दर्ज कराया था। इसके अलावा आईटीआई परिसर में कथित हंगामे और मोबाइल फोन तोड़ने के आरोप में भी उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। विकासनगर क्षेत्र के यमुना पुल बाड़वाला में मारपीट के एक मामले में भी उन पर जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल का आरोप लगा था। हालांकि, उस मामले में उनकी ओर से भी क्रॉस मुकदमा दर्ज कराया गया था।
इसके अलावा वन मंत्री के एक कार्यक्रम में अनुपस्थित रहने के कारण उन्हें निलंबित भी किया गया था। इस कार्रवाई को उन्होंने न्यायालय में चुनौती दी थी। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
अवैध खनन के दौरान भी चर्चाओं में आए थे नौटियाल -
फरवरी 2026 में कालसी वन प्रभाग के एसडीओ राजीव नयन नौटियाल ने यमुना नदी क्षेत्र में कथित अवैध खनन सामग्री से भरे एक डंपर को रोका था। इसके बाद उनके खिलाफ विकासनगर कोतवाली में एफआईआर दर्ज हुई। इस एफआईआर को चुनौती देने पर उत्तराखंड हाईकोर्ट ने मामले पर कड़ी टिप्पणी की। कोर्ट ने एफआईआर दर्ज करने वाले अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई और विकासनगर कोतवाली के पूरे स्टाफ के तबादले के निर्देश दिए।