उत्तराखंड - यहां लोनिवि टीम पर किया हमला, 50-60 लोगों ने घेरकर की मारपीट और छीने सरकारी दस्तावेज, मुकदमा दर्ज
हरिद्वार - कुंभ-2027 की तैयारियों के तहत प्रस्तावित मोटर मार्ग की पैमाइश और अतिक्रमण चिह्नित करने पहुंची लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) की टीम पर सोमवार को हमला किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि करीब 50-60 लोगों ने विभागीय टीम को घेरकर अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मारपीट की। इस दौरान सरकारी दस्तावेज, डायरी और मोबाइल फोन छीनने का भी आरोप लगाया गया है। घटना के बाद लोनिवि कर्मचारियों में आक्रोश है।
उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ के पदाधिकारियों के अनुसार, सोमवार दोपहर करीब दो बजे हरिद्वार लोनिवि खंड की विभागीय टीम कुंभ-2027 के कार्यों के लिए बैरागी कैंप होते हुए पायलट बाबा आश्रम से शनि चौक तक प्रस्तावित मोटर मार्ग की पैमाइश और अतिक्रमण चिह्नित करने पहुंची थी। बताया गया कि इस मार्ग का निर्माण कुंभ-2027 के लिए स्वीकृत किया गया है।
विभागीय टीम ने जैसे ही मौके पर मार्ग की मार्किंग की कार्रवाई शुरू की, वहां करीब 50-60 लोग एकत्र हो गए और टीम को घेर लिया। आरोप है कि भीड़ ने अपर सहायक अभियंता समेत विभागीय कर्मचारियों के साथ मारपीट शुरू कर दी। इसी दौरान अपर सहायक अभियंता के हाथ से मोबाइल फोन, सरकारी फाइल और डायरी भी छीन लिए गए।
संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि विभागीय अमीन, जो दिव्यांग हैं, उनके साथ भी मारपीट की गई। वहीं, एक युवक द्वारा ईंट से हमला किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। अचानक हुए हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। विभागीय अधिकारी और कर्मचारी किसी तरह मौके से निकलकर कनखल थाने पहुंचे और पुलिस को घटना की जानकारी देते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई।
घटना को लेकर उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ ने कड़ी नाराजगी जताई है। संघ ने इसे सरकारी कार्य में बाधा डालने और सरकारी कर्मचारियों पर गंभीर हमला बताते हुए सभी आरोपितों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। संघ का कहना है कि यदि आरोपितों को जल्द गिरफ्तार नहीं किया गया तो प्रदेशभर में आंदोलन किया जाएगा।
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि आंदोलन की स्थिति उत्पन्न होती है और उसके कारण कुंभ-2027 के निर्माण कार्य प्रभावित होते हैं तो इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। संघ ने अधिकारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।