उत्तराखंड - बहुचर्चित निठारी कांड के आरोपी रहे सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में मौत, चाय की दुकान में मिला शव
अल्मोड़ा/हरिद्वार - देश के चर्चित निठारी कांड के आरोपी रहे अल्मोड़ा निवासी सुरेंद्र कोली की शुक्रवार को हरिद्वार में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उसका शव भूपतवाला क्षेत्र स्थित चाय के खोखे के अंदर मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार, सुरेंद्र कोली पिछले कुछ समय से हरिद्वार के भूपतवाला क्षेत्र में रह रहा था और चाय का खोखा लगाकर गुजर-बसर कर रहा था। शुक्रवार सुबह आसपास के लोगों को खोखे के अंदर कुछ संदिग्ध नजर आया, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव बरामद किया।
कोतवाली प्रभारी कुंदन सिंह राणा ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मौत के कारणों और परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
निठारी कांड में आरोपी था कोली -
सुरेंद्र कोली मूल रूप से अल्मोड़ा जिले के स्याल्दे क्षेत्र के मंगरूखाल गांव का रहने वाला था। सातवीं तक पढ़ाई करने के बाद वह रोजगार की तलाश में दिल्ली गया था। बाद में वह नोएडा में कारोबारी मोनिंदर सिंह पंढेर की डी-5 कोठी में घरेलू सहायक के रूप में काम करने लगा।
दिसंबर 2006 में नोएडा के निठारी क्षेत्र में बच्चों और महिलाओं के अवशेष मिलने के बाद यह मामला देशभर में चर्चा में आया था। इसके बाद सुरेंद्र कोली को गिरफ्तार किया गया और उसके खिलाफ कई मुकदमे चले। अलग-अलग मामलों में उसे कई बार मृत्युदंड सुनाया गया।
हालांकि, न्यायिक प्रक्रिया के दौरान उसकी दोषसिद्धियों पर सवाल उठे। अक्टूबर 2023 में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने निठारी से जुड़े 12 मामलों में उसे दोषमुक्त कर दिया। इसके बाद जुलाई 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने इन मामलों में उसकी बरी होने की स्थिति बरकरार रखी। नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने रिम्पा हालदार मामले में भी उसकी दोषसिद्धि और सजा रद्द कर दी। इसके साथ उसके खिलाफ लंबित अंतिम दोषसिद्धि भी समाप्त हो गई।
अल्मोड़ा में खंडहर हो चुका है पैतृक मकान
सुरेंद्र कोली के निठारी कांड से जुड़ने के बाद उसका परिवार बिखर गया था। वह चार भाइयों में दूसरे नंबर पर था। मंगरूखाल गांव स्थित उसका पैतृक मकान अब खंडहर हो चुका है और उस पर ताला लगा है। कोली की मां कुंती देवी आखिरी समय तक अपने बेटे की बेगुनाही पर भरोसा जताती रही थीं। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की थी और बेटे के लिए न्याय की लड़ाई लड़ने की बात कही थी।
निठारी प्रकरण के बाद कोली की पत्नी शांति देवी अपने दोनों बच्चों के साथ वर्ष 2008-09 के दौरान गांव से बाहर चली गई थीं। शुक्रवार को कोली की मौत की सूचना के बाद एक बार फिर निठारी कांड से जुड़ी पुरानी घटनाएं चर्चा में आ गई हैं। पुलिस मौत की परिस्थितियों की जांच कर रही है।