उत्तराखंड - ड्यूटी से लौट रहे चौकी प्रभारी की स्कॉर्पियो खाई में गिरने से मौत, पुलिस से पहले सेना में भी रह चुके थे SHO विनोद

 

Uttarakhand News - उत्तराखंड पुलिस विभाग के लिए मंगलवार की सुबह बेहद दुखद खबर लेकर आई। मुनिकीरेती थाना क्षेत्र की शिवपुरी पुलिस चौकी के प्रभारी उपनिरीक्षक SHO विनोद कुमार शर्मा की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। हादसा ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर देर रात हुआ, जब उनकी स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार रानीपोखरी निवासी उपनिरीक्षक विनोद कुमार शर्मा सोमवार देर रात मुनिकीरेती थाने से ड्यूटी पूरी कर शिवपुरी चौकी लौट रहे थे। इसी दौरान उनकी स्कॉर्पियो सड़क से नीचे गहरी खाई में गिर गई। रात के अंधेरे में दुर्घटना की जानकारी किसी को नहीं मिल सकी।

मंगलवार सुबह राहगीरों की नजर खाई में गिरे वाहन पर पड़ी, जिसके बाद पुलिस प्रशासन को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस और राहत-बचाव टीम ने रेस्क्यू अभियान चलाकर वाहन तक पहुंच बनाई और उपनिरीक्षक शर्मा के शव को खाई से बाहर निकाला। शव को पोस्टमार्टम के लिए एम्स ऋषिकेश भेज दिया गया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे का कारण वाहन चलाते समय झपकी आना माना जा रहा है, हालांकि पुलिस दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

सेना से पुलिस तक सेवा का लंबा सफर - 
विनोद कुमार शर्मा उत्तराखंड पुलिस में शामिल होने से पहले भारतीय सेना में भी अपनी सेवाएं दे चुके थे। पुलिस विभाग में उन्होंने ढालवाला और कैलाश गेट चौकी प्रभारी के रूप में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई थीं। अपनी कार्यकुशलता, सरल स्वभाव और मृदुभाषी व्यक्तित्व के कारण वे पुलिस महकमे और आम लोगों के बीच काफी लोकप्रिय थे।

पुलिस महकमे में शोक की लहर - 
उनके आकस्मिक निधन से पुलिस विभाग समेत रानीपोखरी क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। बताया जा रहा है कि उनके एक भाई भी पुलिस विभाग में कार्यरत हैं। पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने उन्हें एक कर्तव्यनिष्ठ एवं ईमानदार अधिकारी बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की है।

क्या बढ़ता कार्यदबाव बन रहा है चिंता का विषय?
उपनिरीक्षक विनोद शर्मा की मौत ने एक बार फिर पुलिस कर्मियों के कार्यदबाव और स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। पिछले कुछ वर्षों में उत्तराखंड पुलिस के कई जवान और अधिकारी हार्ट अटैक तथा सड़क दुर्घटनाओं में असमय जान गंवा चुके हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी ड्यूटी, पर्याप्त विश्राम की कमी और मानसिक तनाव जैसी परिस्थितियां पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही हैं। ऐसे में पुलिस बल के लिए बेहतर कार्य-परिस्थितियां और स्वास्थ्य सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करना समय की मांग बन गया है।