गैरसैंण - भराड़ीसैंण में 7,844.18 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश, कांग्रेसियों ने सिर पर बर्तन रखकर किया प्रदर्शन

विधानसभा के दो दिवसीय सत्र की शुरुआत, दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी को दी गई श्रद्धांजलि; विभिन्न संगठनों ने भी किया विरोध-प्रदर्शन
 
 

भराड़ीसैंण - उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण में मंगलवार को विधानसभा का दो दिवसीय सत्र शुरू हुआ। सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 7,844.18 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया। वहीं, विधानसभा के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सिर पर बर्तन रखकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदेश प्रधान संगठन और उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) ने भी विभिन्न मांगों को लेकर विरोध जताया।

27 और 28 अक्टूबर तक चलने वाले इस सत्र की शुरुआत दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। सदन में मुख्यमंत्री धामी समेत सदस्यों ने उन्हें याद किया। इस दौरान विधायक शक्ति लाल शाह ने बीसी खंडूड़ी से जुड़ा एक संस्मरण साझा किया। सदन में दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि देने और उनसे जुड़ी यादें साझा करने का सिलसिला भी जारी रहा।

सत्र के पहले दिन दोपहर तीन बजे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अनुपूरक बजट पेश करने का प्रस्ताव रखा। सरकार की ओर से पेश किए गए 7,844.18 करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट में राजस्व मद के लिए 3,679.86 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। अनुपूरक बजट के जरिए सरकार चालू वित्तीय वर्ष में अतिरिक्त व्यय के लिए सदन से मंजूरी लेगी।

विधानसभा घेराव के लिए पहुंचे प्रदर्शनकारी - 
विधानसभा सत्र के पहले ही दिन विपक्ष और विभिन्न संगठनों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। कांग्रेस, प्रदेश प्रधान संगठन और उत्तराखंड क्रांति दल ने विधानसभा घेराव का ऐलान किया था। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग की थी। पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोका, जिसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ता और अन्य संगठनों के लोग बैरिकेडिंग के पास ही धरने पर बैठ गए। दोपहर बाद उत्तराखंड क्रांति दल के प्रदर्शनकारियों ने दिवालीखाल में बैरिकेडिंग तोड़ दी और विधानसभा के मुख्य गेट की ओर बढ़ गए। इससे विधानसभा परिसर के बाहर विरोध-प्रदर्शन का माहौल बना रहा।

सिर पर बर्तन रखकर जताया विरोध - 
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सिर पर बर्तन रखकर प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के जरिए उन्होंने सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। वहीं, प्रदेश प्रधान संगठन और यूकेडी के प्रदर्शनकारियों ने भी अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई। विधानसभा के भीतर जहां बजट और दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि देने से जुड़ी कार्यवाही हुई, वहीं बाहर विभिन्न संगठनों के विरोध-प्रदर्शन से सत्र का पहला दिन राजनीतिक गतिविधियों के नाम रहा। विधानसभा का दो दिवसीय सत्र बुधवार, 28 अक्टूबर को भी जारी रहेगा।