उत्तराखंड - बनबसा में पहली बार बजी कैबिनेट के 24 फैसलों की घंटी, युवाओं से लेकर पहाड़ के कुक्कुट पालकों तक को सौगात
बनबसा/चम्पावत - राज्य गठन के करीब 26 साल बाद पहली बार बनबसा में हुई धामी कैबिनेट की बैठक में युवाओं, कुक्कुट पालकों, डॉक्टरों और निजी विश्वविद्यालयों से जुड़े कई अहम फैसलों पर मुहर लगी। सरकार ने पहाड़ी क्षेत्रों के करीब दो हजार कुक्कुट पालकों के लिए दो करोड़ रुपये की फीड सब्सिडी और युवाओं की स्किलिंग के लिए 200 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी।
1. पहाड़ी क्षेत्रों के कुक्कुट पालकों को दो करोड़ की सब्सिडी -
बनबसा। कैबिनेट बैठक में पहाड़ी क्षेत्रों के कुक्कुट पालकों के लिए फीड पर सब्सिडी देने का निर्णय लिया गया। सरकार के मुताबिक इस योजना से करीब 2,000 कुक्कुट पालकों को लाभ मिलेगा। इसके लिए करीब दो करोड़ रुपये की सब्सिडी दी जाएगी। सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से लाभार्थियों के वेलफेयर अकाउंट में भेजी जाएगी।
2. पशुपालन, मत्स्य और डेयरी विभाग में बेहतर समन्वय -
सरकार ने पशुपालन, मत्स्य और डेयरी विकास विभागों के बीच बेहतर समन्वय के लिए डायरेक्टर जनरल के पद को अपग्रेड करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। सरकार का कहना है कि इससे तीनों विभागों से जुड़े कार्यों में प्रशासनिक तालमेल बेहतर होगा और योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी।
3. युवाओं की स्किलिंग के लिए 200 करोड़ की योजना -
कैबिनेट ने युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने के उद्देश्य से 200 करोड़ रुपये की स्किलिंग योजना को मंजूरी दी है। इसके तहत विद्यार्थियों को डिग्री के साथ स्किल आधारित पाठ्यक्रम उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रत्येक सेमेस्टर में छह क्रेडिट के इन पाठ्यक्रमों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) समेत नई तकनीकों और रोजगारपरक कौशल को शामिल किया जाएगा।
4. टीडीसी को 66 करोड़ रुपये का स्पेशल पैकेज -
कैबिनेट बैठक में टीडीसी को 66 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज देने का निर्णय लिया गया। सरकार के मुताबिक पैकेज के जरिए संस्था से जुड़े वित्तीय और संचालन संबंधी मामलों को मजबूती देने की दिशा में काम किया जाएगा।
5. कर्मचारियों को देना होगा संपत्ति का विवरण -
कैबिनेट ने कर्मचारी आचरण नियमों में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके तहत कर्मचारियों को अपनी संपत्ति का विवरण निर्धारित समय पर देना होगा। समूह क, ख और ग के कर्मचारियों के संपत्ति विवरण से संबंधित नियमों में बदलाव किया गया है। सरकार का उद्देश्य कर्मचारियों की संपत्ति संबंधी जानकारी को व्यवस्थित तरीके से दर्ज करना है।
6. प्रांतीय रक्षक दल अधिकारी अब समूह-ख में -
प्रांतीय रक्षक दल अधिकारियों के पद को समूह-ख में शामिल करने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। इस निर्णय से संबंधित अधिकारियों के पद की श्रेणी में बदलाव होगा।
7. निजी विश्वविद्यालयों के लिए जमीन की शर्त बदली -
कैबिनेट ने निजी विश्वविद्यालय स्थापित करने के लिए भूमि संबंधी नियमों में बदलाव को मंजूरी दी है। अब 10 एकड़ भूमि की अनिवार्यता के स्थान पर 20 हजार वर्ग मीटर भूमि में भी विश्वविद्यालय स्थापित किया जा सकेगा। इसके साथ ही पांच करोड़ रुपये के गारंटी फंड की व्यवस्था समाप्त करने का भी निर्णय लिया गया है।
8. डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी -
राज्य कैबिनेट ने डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। सरकार के इस निर्णय से मेडिकल क्षेत्र में प्रशिक्षण ले रहे डॉक्टरों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है। स्टाइपेंड की नई दरों को लेकर विस्तृत जानकारी शासन की ओर से जारी की जानी है।
9. नजूल भूमि के नियमितीकरण के लिए चलेगा अभियान -
कैबिनेट ने प्रदेश में नजूल भूमि के नियमितीकरण को लेकर अभियान चलाने का निर्णय लिया है। खटीमा, बनबसा और चंपावत के अलावा प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में मौजूद नजूल भूमि के मामलों का भी नियमितीकरण किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य लंबे समय से लंबित मामलों का नियमानुसार निस्तारण करना है।
10. वन विभाग के मामलों के लिए PMU बनाने पर चर्चा -
वन विभाग से जुड़े लंबित मामलों के निस्तारण के लिए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (PMU) बनाने के प्रस्ताव पर कैबिनेट में चर्चा हुई। PMU के जरिए वन विभाग से संबंधित मामलों की निगरानी और समन्वय को बेहतर करने की दिशा में काम किया जाएगा।
11. उच्च शिक्षा में स्किल डिप्लोमा कोर्स -
उच्च शिक्षा विभाग के तहत विद्यार्थियों के लिए स्किल डिप्लोमा कोर्स शुरू करने के फैसले को मंजूरी दी गई है। सरकार के अनुसार इस योजना से प्रदेश के एक लाख से अधिक छात्रों को लाभ मिलेगा। पाठ्यक्रमों में रोजगार और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप व्यावहारिक कौशल को शामिल किया जाएगा।
12. नरेंद्रनगर में खुलेगा सब रजिस्ट्रार कार्यालय -
कैबिनेट ने टिहरी जिले के नरेंद्रनगर में सब रजिस्ट्रार कार्यालय खोलने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इससे क्षेत्र के लोगों को जमीन और संपत्ति के पंजीकरण से संबंधित कार्यों के लिए अन्य स्थानों पर जाने की जरूरत कम होगी।
13. जिलों में भी होंगी कैबिनेट बैठकें -
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अब कैबिनेट की बैठकें केवल देहरादून तक सीमित नहीं रहेंगी। प्रदेश के अलग-अलग जनपदों में भी मंत्रिमंडल की बैठकें आयोजित की जाएंगी। उनका कहना है कि इससे स्थानीय समस्याओं, विकास की संभावनाओं और क्षेत्रीय प्राथमिकताओं को शासन के सामने सीधे रखने का अवसर मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं, रोजगार, पर्यटन और कनेक्टिविटी को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि राज्य के मैदानी और पर्वतीय क्षेत्रों का संतुलित विकास सरकार की प्रतिबद्धता है।
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