हल्द्वानी में किसान आत्महत्या मामले में बड़ी कार्रवाई, थानाध्यक्ष सहित दो उपनिरीक्षक निलंबित, 10 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर
 

 

रुद्रपुर - उत्तराखंड के हल्द्वानी में हुए किसान आत्महत्या मामले में पुलिस प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। कोतवाली आईटीआई क्षेत्र के पैगा गांव में किसान सुखवंत सिंह पुत्र तेजा सिंह की आत्महत्या के प्रकरण में पुलिस की गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ऊधमसिंहनगर ने तत्काल प्रभाव से दो उपनिरीक्षकों को निलंबित कर दिया है।

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एसएसपी के आदेश पर कोतवाली आईटीआई के थानाध्यक्ष उपनिरीक्षक कुन्दन सिंह रौतेला एवं उपनिरीक्षक प्रकाश बिष्ट को निलंबित किया गया है। दोनों अधिकारियों के खिलाफ विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई भी प्रारंभ कर दी गई है। निलंबन अवधि के दौरान दोनों उपनिरीक्षकों को मूल नियम-53 के अंतर्गत अर्द्ध औसत वेतन के बराबर जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। साथ ही उन्हें नियमानुसार पुलिस लाइन्स में रहना अनिवार्य किया गया है।

मामले की निष्पक्ष, गहन और विस्तृत प्रारंभिक जांच के लिए एसपी क्राइम एवं टीआरजी, ऊधमसिंहनगर को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्हें निर्धारित समयसीमा के भीतर तथ्यात्मक और स्पष्ट जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, चौकी पैगा, कोतवाली आईटीआई में तैनात कुल 10 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है। सभी को पुलिस लाइन्स, रुद्रपुर में तत्काल आमद करने के आदेश जारी किए गए हैं। लाइन हाजिर किए गए पुलिसकर्मियों में चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक जितेन्द्र कुमार, अपर उपनिरीक्षक सोमवीर सिंह, मुख्य आरक्षी शेखर बनकोटी सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी शामिल हैं।

एसएसपी ऊधमसिंहनगर ने स्पष्ट किया है कि पुलिस व्यवस्था में किसी भी स्तर की लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।