‘’ देहरादून - ग्राफिक एरा के विशेषज्ञों ने जटिल केस में बिना ऑपरेशन हार्ट का वाल्व बदला ‘’
देहरादून - ( जिया सती )13 अगस्त ग्राफिक एरा अस्पताल ने दिल से जुड़ी गंभीर बीमारी से जूझ रहे एक 65 वर्षीय मरीज का बिना ओपन हार्ट सर्जरी के सफल इलाज कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। मरीज को पिछले एक वर्ष से हृदय संबंधी समस्याएं थीं और उनकी स्थिति दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही थी। सांस लेने में तकलीफ, पैरों में सूजन और बार-बार अस्पताल में भर्ती होने की नौबत आ रही थी। जांच में सामने आया कि उनके दिल का माइट्रल वाल्व गंभीर रूप से लीक कर रहा था, और उनकी स्थिति इतनी नाजुक थी कि पारंपरिक सर्जरी करना जोखिम भरा था।
इस जटिल परिस्थिति में डॉक्टरों की टीम ने ‘टियर’ ट्रांसकैथेटर एज-टू-एज रिपेयर नामक एक नई और उन्नत तकनीक से इलाज करने का फैसला लिया। इस प्रक्रिया में जांघ के रास्ते एक कैथेटर को दिल तक पहुंचाया गया और लीकेज वाले माइट्रल वाल्व पर एक विशेष क्लिप लगाई गई। यह पूरी प्रक्रिया 4D ट्रांसईसोफेगल इको इमेजिंग की सहायता से की गई, जिससे डॉक्टरों को वाल्व की सटीक स्थिति देखने और इलाज करने में मदद मिली। यह तरीका पूरी तरह नॉन-सर्जिकल था और इसमें किसी तरह की चीरा या ऑपरेशन की जरूरत नहीं पड़ी।
डॉक्टर हिमांशु राणा ने बताया कि यह समस्या उन मरीजों में पाई जाती है जो पहले से हृदय रोग, दिल का दौरा या बाईपास सर्जरी से गुज़र चुके होते हैं। बढ़ती उम्र के साथ यह परेशानी गंभीर रूप ले सकती है और अगर समय पर इलाज न मिले तो यह हार्ट फेल्योर या मृत्यु का कारण बन सकती है। इस तकनीक से अब ऐसे मरीजों को बिना बड़ी सर्जरी के इलाज की उम्मीद मिल रही है।
डॉ. एस. पी. गौतम ने इस उपलब्धि को चिकित्सा विज्ञान की एक बड़ी सफलता बताया, क्योंकि ऐसे केस को बिना ऑपरेशन ठीक कर पाना पहले असंभव माना जाता था। डॉ. अखिलेश पांडे ने भी जानकारी दी कि ग्राफिक एरा अस्पताल पहले से ही सर्जिकल और ट्रांसकैथेटर वाल्व रिप्लेसमेंट में अग्रणी रहा है और अब यह अत्याधुनिक नॉन-सर्जिकल टियर तकनीक भी यहां उपलब्ध है।
इस प्रक्रिया के बाद मरीज की हालत में तेजी से सुधार हुआ और केवल तीन दिनों के भीतर ही उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। यह सफल इलाज न केवल मरीज के लिए जीवनदायिनी साबित हुआ, बल्कि उत्तराखंड और आसपास के राज्यों के लिए भी एक नई चिकित्सीय राह खोल दी है। यह उपलब्धि स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।