देहरादून - सुखवन्त सिंह आत्महत्या मामला, सभी 12 निलंबित पुलिसकर्मियों का गढ़वाल में ट्रांसफर, SIT भी हुई गठित
देहरादून - सुखवन्त सिंह आत्महत्या मामले को लेकर उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय ने बड़ी और निर्णायक कार्रवाई की है। निष्पक्ष, पारदर्शी और गहन जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पुलिस महानिरीक्षक एसटीएफ की अध्यक्षता में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। साथ ही मामले से जुड़े 12 पुलिस कर्मियों को तत्काल प्रभाव से गढ़वाल रेंज के जनपदों में स्थानांतरित कर दिया गया है।
पुलिस मुख्यालय के अनुसार, जनपद ऊधम सिंह नगर के थाना आईटीआई क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पैगा निवासी सुखवन्त सिंह ने 10–11 जनवरी 2026 की रात काठगोदाम, हल्द्वानी में आत्महत्या कर ली थी। इस संवेदनशील प्रकरण में सामने आए तथ्यों और आरोपों को गंभीरता से लेते हुए अब मामले की विवेचना उच्च स्तर पर कराए जाने का निर्णय लिया गया है।
पुलिस महानिरीक्षक एसटीएफ नीलेश आनंद भरणे की अध्यक्षता में गठित पांच सदस्यीय SIT में पुलिस अधीक्षक चम्पावत अजय गणपति, क्षेत्राधिकारी टनकपुर वंदना वर्मा, निरीक्षक दिवान सिंह बिष्ट तथा उपनिरीक्षक मनीष खत्री को शामिल किया गया है। SIT को मामले के प्रत्येक पहलू की गहन जांच के निर्देश दिए गए हैं।
जांच की निष्पक्षता को प्रभावित होने से रोकने के लिए पुलिस मुख्यालय ने सख्त कदम उठाते हुए तीन निलंबित उपनिरीक्षकों, एक अपर उपनिरीक्षक, एक मुख्य आरक्षी और सात आरक्षियों समेत कुल 12 पुलिस कर्मियों को गढ़वाल रेंज के जनपद चमोली और रुद्रप्रयाग स्थानांतरित किया है। इस कार्रवाई को जांच की पारदर्शिता बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इसके साथ ही पुलिस मुख्यालय ने मृतक द्वारा आत्महत्या से पूर्व सोशल मीडिया पर जारी वीडियो तथा ई-मेल के माध्यम से की गई शिकायतों में लगाए गए आरोपों की भी विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। शिकायतों में स्थानीय व्यक्तियों के साथ-साथ ऊधम सिंह नगर पुलिस के अधिकारियों और कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए थे।
पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि तथ्यों की गहन जांच के बाद नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे घटनाक्रम ने प्रदेशभर में चर्चा को जन्म दिया है और पुलिस मुख्यालय की यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही या पक्षपात को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।