देहरादून - छह सूत्रीय मांगों को लेकर पैक्स कर्मचारियों का आंदोलन हुआ तेज, निबंधक कार्यालय में फूंका पुतला
 

अल्मोड़ा के जिला सहायक निबंधक के पत्र के विरोध में प्रदर्शन, मांगों पर सकारात्मक निर्णय होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान,  प्रतिदिन लगभग ₹200 करोड़ के कार्यव्यवसाय के प्रभावित होने की संभावना है
 
 

देहरादून - उत्तराखंड पैक्स सचिव एवं संयुक्त कर्मचारी संगठन का छह सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन लगातार जारी है। गुरुवार को संगठन के कर्मचारियों ने निबंधक कार्यालय, देहरादून में अल्मोड़ा के जिला सहायक निबंधक की ओर से 14 अक्टूबर 2026 को जारी पत्र के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान संबंधित अधिकारी का पुतला दहन कर विरोध जताया गया। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

संगठन के अनुसार, कर्मचारियों के हितों और सम्मान से जुड़े मुद्दों को लेकर लंबे समय से मांगें उठाई जा रही हैं, लेकिन समाधान नहीं होने के कारण आंदोलन तेज करना पड़ा है। कर्मचारियों ने कहा कि सेवा शर्तों में सुधार, मानदेय और वेतन संबंधी विसंगतियों को दूर करने सहित छह सूत्रीय मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

संगठन के मुताबिक, कर्मचारियों ने 18 सितंबर 2026 से चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया था। इसके बाद एक अक्टूबर से कलमबंद हड़ताल शुरू की गई और पांच अक्टूबर से देहरादून स्थित निबंधक कार्यालय में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन जारी है। कर्मचारियों का कहना है कि मांगों का समाधान नहीं होने तक आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा। संगठन के अनुसार हड़ताल के कारण सहकारिता क्षेत्र में प्रतिदिन लगभग ₹200 करोड़ के कार्यव्यवसाय के प्रभावित होने की संभावना है। प्रदेश में लगभग 2,250 पैक्स कैडर सचिव एवं सहकारी कर्मचारी कार्यरत हैं, जो अपनी छह सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं।

पैक्स के कामकाज पर पड़ रहा असर - 
पैक्स सचिवों और सहकारिता कर्मचारियों की हड़ताल से सहकारी समितियों के कामकाज पर असर पड़ने की बात सामने आई है। इसके चलते खाद की आपूर्ति और किसानों के बैंक संबंधी लेन-देन जैसी सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं। ऐसे में आंदोलन के जल्द समाधान की जरूरत महसूस की जा रही है, ताकि किसानों और आम लोगों को होने वाली परेशानी कम हो सके।

मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान - 
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने कहा कि वे अपने अधिकारों और सम्मान की लड़ाई एकजुटता के साथ लड़ते रहेंगे। संगठन ने संबंधित अधिकारियों से मांगों पर गंभीरता से विचार कर सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की। कर्मचारियों ने दोहराया कि जब तक उनकी न्यायोचित मांगों का समाधान नहीं होता, तब तक धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा।