देहरादून - अंकिता भंडारी मामले में यशपाल आर्य ने भाजपा सरकार पर साधा निशाना, बोले- न्याय के साथ हो रहा मजाक

नेता प्रतिपक्ष ने दुष्यंत गौतम की राज्यपाल नियुक्ति पर उठाए सवाल, राहुल गांधी की पीड़ित परिवार से मुलाकात का किया जिक्र
 
 

देहरादून -  अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उत्तराखंड में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। उत्तराखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने इस मामले को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए न्याय और जवाबदेही पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दुष्यंत गौतम की सिक्किम के राज्यपाल के रूप में नियुक्ति पर भी सवाल खड़े किए और आरोप लगाया कि अंकिता के परिवार को अब तक न्याय नहीं मिल पाया है।

यशपाल आर्य ने अपने बयान में कहा कि एक बेटी की हत्या, उसके माता-पिता की पीड़ा और चार साल के इंतजार के बावजूद न्याय अधूरा है। उन्होंने कहा कि मामले में कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में निष्पक्ष जांच और जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है। आर्य ने आरोप लगाया कि संबंधित मामले में उठ रहे सवालों के बीच दुष्यंत गौतम को संवैधानिक पद पर नियुक्त किया जाना गंभीर सवाल खड़े करता है।

सीबीआई जांच को लेकर भी उठाए सवाल - 
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस और उत्तराखंड की जनता ने अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए आवाज उठाई थी। उनके अनुसार, जनता के दबाव में सीबीआई जांच के आदेश हुए, लेकिन अब जांच की प्रगति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने सरकार से मामले में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और दोषियों की जवाबदेही तय करने की मांग की। आर्य ने भाजपा सरकार पर दोहरा चरित्र अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि सत्ता का संरक्षण न्याय की आवाज को दबा नहीं सकता। उन्होंने सवाल किया कि अंकिता को न्याय कब मिलेगा और मामले से जुड़े सभी सवालों के जवाब कब सामने आएंगे।

राहुल गांधी की मुलाकात का किया जिक्र - 
यशपाल आर्य ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की अंकिता भंडारी के माता-पिता से मुलाकात का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने परिवार से मिलकर उन्हें भरोसा दिलाया है कि कांग्रेस उनके साथ खड़ी है। आर्य ने इंडिया गेट पर अंकिता के माता-पिता के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार की भी आलोचना की और इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया।

न्याय की लड़ाई जारी रखने का दावा - 
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस अंकिता भंडारी के परिवार के साथ खड़ी है और न्याय की लड़ाई पूरी ताकत से जारी रखेगी। उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच हो, कथित वीआईपी की भूमिका से जुड़े सवालों का जवाब दिया जाए और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर कांग्रेस के इन आरोपों के बीच मामले की जांच, पीड़ित परिवार की मांगों और दुष्यंत गौतम की राज्यपाल नियुक्ति को लेकर राजनीतिक बहस जारी है।