हल्द्वानी - ‘धरोहर 2026’ में बिखरी पश्चिम बंगाल की सांस्कृतिक मिठास, DPS हल्द्वानी में भव्य आयोजन

 

हल्द्वानी- दिल्ली पब्लिक स्कूल हल्द्वानी में शनिवार, 2 मई 2026 को आयोजित वार्षिक सांस्कृतिक उत्सव ‘धरोहर 2026’ ने एक बार फिर संस्कृति, कला और परंपरा का जीवंत संगम प्रस्तुत किया। इस वर्ष कार्यक्रम की थीम ‘पश्चिम बंगाल’ रही, जिसके माध्यम से राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं और कलात्मक विविधता को शानदार ढंग से मंच पर उतारा गया। कार्यक्रम का शुभारंभ स्वागत भाषण और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद प्रस्तुत की गई सांस्कृतिक झलकियों ने दर्शकों को पश्चिम बंगाल की आत्मा से रूबरू करा दिया।


प्रदर्शनी अनुभाग में साहित्य, कला और परंपराओं की बौद्धिक ऊँचाई के साथ-साथ दुर्गा पूजा की आध्यात्मिक भव्यता को बखूबी दर्शाया गया। विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए मॉडल्स और कलाकृतियों में बंगाल की हथकरघा बुनाई, टेराकोटा कला और पारंपरिक शिल्पकला की समृद्ध विरासत जीवंत हो उठी।
खान-पान अनुभाग कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा, जहाँ बंगाल की प्रसिद्ध मिठाइयों ने आगंतुकों का दिल जीत लिया। यह हिस्सा ‘भारत की सांस्कृतिक मिठास’ की थीम को साकार करता नजर आया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में विद्यार्थियों ने पश्चिम बंगाल के पारंपरिक संगीत और नृत्य शैलियों की मनमोहक प्रस्तुति दी। साथ ही हावड़ा ब्रिज, ट्राम संस्कृति, सुंदरवन और रॉयल बंगाल टाइगर जैसे प्रतीकों को रचनात्मक ढंग से प्रदर्शित कर कार्यक्रम को और भी जीवंत बना दिया।


पूरे आयोजन ने न केवल पश्चिम बंगाल की सांस्कृतिक धरोहर को खूबसूरती से प्रस्तुत किया, बल्कि नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति से जोड़ने का सशक्त संदेश भी दिया। कार्यक्रम का समापन प्रो-वाइस चेयरमैन विवेक अग्रवाल एवं प्रधानाचार्या रंजना शाही के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने सभी प्रतिभागियों, शिक्षकों और अभिभावकों का आभार व्यक्त करते हुए ‘धरोहर’ को संस्कृति और परंपरा का एक यादगार उत्सव बताया।

कुल मिलाकर, ‘धरोहर 2026’ ने यह साबित कर दिया कि संस्कृति केवल अतीत की विरासत नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य को जोड़ने वाला जीवंत सेतु है।