गैरसैंण - विधानसभा सत्र से पहले सीएम धामी की नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य से शिष्टाचार भेंट, आर्य ने की यह मांग 

 

गैरसैंण (भराड़ीसैंण) - उत्तराखंड विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, जो नेता सदन भी हैं, उन्होंने मंगलवार को संसदीय कार्यमंत्री सुबोध उनियाल के साथ गैरसैंण स्थित सरकारी आवास में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य से शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात को सत्र के शांतिपूर्ण संचालन को लेकर विपक्ष के साथ संवाद स्थापित करने की दिशा में एक पहल के रूप में देखा जा रहा है।

हालांकि, सत्र शुरू होने से पहले ही विपक्ष ने सरकार को घेरने के संकेत दे दिए हैं। विपक्ष ने हाल ही में संपन्न त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में कथित धांधली और आपदा प्रभावित क्षेत्रों में सरकार की विफलता को लेकर विधानसभा में नियम 310 के तहत विशेष चर्चा की मांग की है।

"लोकतंत्र की हत्या हुई है" - 
विपक्ष का आरोप है कि पंचायत चुनावों के दौरान उत्तराखंड में लोकतंत्र की खुलेआम हत्या की गई। आरोपों के अनुसार, पुलिस प्रशासन की मिलीभगत से संगठित गिरोहों ने चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित किया। विपक्ष का कहना है कि कई स्थानों पर सरकारी अधिकारी सत्ता पक्ष के कार्यकर्ताओं की तरह व्यवहार करते नजर आए।

धराली आपदा पर भी सरकार घिरी - 
उत्तरकाशी जिले के धराली क्षेत्र में हाल ही में आई आपदा को लेकर भी विपक्ष सरकार के रवैये से नाराज है। विपक्ष का कहना है कि आपदा के बाद कई लोग लापता हैं और सरकार अब तक यह स्पष्ट नहीं कर पाई है कि इस त्रासदी में कितने लोगों की मृत्यु हुई। विपक्ष ने आरोप लगाया कि एक ओर जहां प्रदेश आपदा से जूझ रहा है, वहीं दूसरी ओर सरकार और सत्ता पक्ष चुनाव हार चुके जिला पंचायत सदस्यों का "अपहरण और खरीद-फरोख्त" कर रहे हैं।

"देवभूमि की छवि को नुकसान" - 
विपक्षी नेताओं ने कहा कि इन घटनाओं से उत्तराखंड की छवि राष्ट्रीय स्तर पर धूमिल हुई है। देवभूमि अब कानून व्यवस्था और सुशासन के मामले में सबसे कमजोर राज्यों की श्रेणी में गिनी जाने लगी है, जो चिंताजनक है।

नियम 310 के तहत चर्चा की मांग - 
विपक्ष ने विधानसभा अध्यक्ष से मांग की है कि पंचायत चुनावों में कथित धांधली और धराली आपदा पर नियम 310 के तहत चर्चा कराई जाए। उनका कहना है कि यदि सरकार इन मुद्दों पर चर्चा नहीं कराती है, तो विपक्ष का सदन में बैठना "प्रदेश हित में निरर्थक" होगा।