हल्द्वानी - व्यापारियों के हितों को साध गए मुख्यमंत्री धामी, किए बड़े ऐलान, जानिए क्या की वह आठ घोषणाएं
हल्द्वानी - मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी में आयोजित प्रांतीय व्यापारी सम्मेलन में व्यापारियों के हितों से जुड़ी आठ घोषणाएं कीं। इनमें आपदा प्रभावित कारोबारियों को राहत देने, उद्योग मित्र समितियों के पुनर्गठन, पर्यटन व्यवसाय के पंजीकरण को सरल बनाने, होमस्टे सुविधाओं के विस्तार और चारधाम यात्रा मार्ग पर पार्किंग विकसित करने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यापारी प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और राज्य के विकास में उनकी अहम भूमिका है।
शुक्रवार को राजकीय मेडिकल कॉलेज सभागार में आयोजित सम्मेलन में 19 जिलों की 393 नगर इकाइयों के पदाधिकारी और सदस्य शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार व्यापारियों को केवल करदाता नहीं, बल्कि विकास में महत्वपूर्ण भागीदार मानती है। व्यापारियों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान करने और कारोबार से जुड़ी प्रक्रियाओं को आसान बनाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
आपदा प्रभावित व्यापारियों को राहत देने की घोषणा -
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदा या अन्य आपदाओं से प्रभावित व्यापारियों को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। व्यापारियों और सरकार के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने के लिए राज्य और जिला स्तर पर उद्योग मित्र समितियों का पुनर्गठन किया जाएगा। इन समितियों की नियमित बैठकें आयोजित कर कारोबारियों की समस्याओं पर चर्चा की जाएगी।
जीएसटी में पंजीकृत व्यापारियों के दुर्घटना बीमा की जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार करने की भी घोषणा की गई। इसका उद्देश्य पात्र व्यापारियों के आश्रितों को समय पर बीमा दावे की प्रक्रिया पूरी करने में मदद देना है। इसके अलावा व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में काम करने वाले श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिकों को कर्मकार कल्याण बोर्ड की योजनाओं और सुविधाओं का लाभ दिलाने पर जोर दिया गया।
पर्यटन कारोबार की प्रक्रिया होगी सरल
पर्यटन व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए पंजीकरण प्रक्रिया सरल बनाने और सिंगल विंडो व्यवस्था लागू करने की घोषणा की गई। पर्यटन बहुल क्षेत्रों और जिला मुख्यालयों में होमस्टे सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इससे स्थानीय लोगों को स्वरोजगार और आय के अतिरिक्त अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।
चारधाम यात्रा मार्ग पर आवश्यक स्थानों पर पार्किंग सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे यात्रियों को सुविधा मिलने के साथ यात्रा मार्ग से जुड़े व्यापारिक प्रतिष्ठानों को भी लाभ पहुंचाने का प्रयास होगा।
बाजारों में सड़क और नालियों के निर्माण को प्राथमिकता -
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्गों, राज्य मार्गों और अन्य प्रमुख मार्गों से जुड़े बाजारों में सड़क और नालियों के निर्माण तथा मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता देने की बात कही। इससे बाजारों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने और व्यापारिक गतिविधियों को सुगम करने पर जोर रहेगा।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में निवेश और कारोबार से जुड़ी प्रक्रियाओं को आसान बनाने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से 26 प्रमुख विभागों की 206 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं। निवेशकों और उद्यमियों की समस्याओं के समाधान के लिए निवेश मित्र व्यवस्था भी की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टार्टअप और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखंड स्टार्टअप नीति के साथ 200 करोड़ रुपये के वेंचर फंड की व्यवस्था की गई है। पर्वतीय क्षेत्रों में उद्योग और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में छोटे उद्योगों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विशेष औद्योगिक पार्कों के लिए भूमि चिह्नित की गई है।
व्यापार मंडल की स्मारिका का विमोचन -
सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल की स्मारिका का विमोचन किया और व्यापार मंडल की विभिन्न इकाइयों के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया। उन्होंने व्यापारियों से प्रदेश के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में सांसद अजय भट्ट, कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, विधायक बंशीधर भगत और सरिता आर्या, महापौर गजराज सिंह बिष्ट, व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष नवीन वर्मा, प्रदेश महामंत्री प्रकाश मिश्रा, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी सहित विभिन्न व्यापारी संगठनों के पदाधिकारी और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री में व्यापारी सम्मेलन में यह घोषणा की -
1. प्राकृतिक आपदा या अन्य आपदा से प्रभावित व्यापारियों को नियमानुसार उचित राहत देने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
2. व्यापारियों से बेहतर संवाद के लिए राज्य और जिला स्तर पर उद्योग मित्र समितियों का पुनर्गठन कर नियमित बैठकें कराई जाएंगी।
3. जीएसटी में पंजीकृत व्यापारियों के दुर्घटना बीमा की जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा, ताकि समय पर उनके आश्रित बीमा का दावा कर सकें।
4. पर्यटन व्यवसाय के पंजीकरण की प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा और सिंगल विंडो व्यवस्था लागू की जाएगी।
5. पर्यटन बाहुल्य क्षेत्रों और जिला मुख्यालयों में होम स्टे की सुविधा का विस्तार किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक स्थानीय लोग इसका लाभ उठा सकें।
6. चारधाम यात्रा मार्ग पर आवश्यक स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था विकसित की जाएगी, ताकि यात्रियों और व्यापारियों को सुविधा मिल सके।
7. राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य मार्ग और अन्य प्रमुख मार्गों से जुड़े बाजारों में सड़कों और नालियों के निर्माण एवं मरम्मत कार्य को प्राथमिकता से कराया जाएगा।
8. व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में काम करने वाले श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिकों को कर्मकार कल्याण बोर्ड की योजनाओं और सुविधाओं का लाभ दिलाया जाएगा।