Chamoli Tunnel Landslide - पीपलकोटी टनल हादसा, सात शव बरामद, तीन श्रमिक अब भी लापता, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

 

Chamoli Tunnel Landslide  - उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी में विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की सुरंग में गुरुवार शाम हुए हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया। सुरंग में अचानक भारी मलबा और पानी भरने से कई श्रमिक अंदर फंस गए। हादसे के बाद शुक्रवार सुबह से राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है।


जिला प्रशासन के अनुसार अब तक सात श्रमिकों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि तीन श्रमिक अभी भी सुरंग के अंदर लापता बताए जा रहे हैं। हादसे में घायल श्रमिकों को पीपलकोटी स्थित विवेकानंद अस्पताल समेत संबंधित अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

बताया गया कि गुरुवार शाम करीब पौने सात बजे सुरंग के अंदर ग्रेविटी पर पैकिंग का काम चल रहा था। इसी दौरान सुरंग के भीतर जोरदार धमाका हुआ और अचानक पानी के साथ भारी मात्रा में मलबा भरने लगा। घटना के समय करीब 28 श्रमिक सुरंग के अंदर काम कर रहे थे। हादसे के बाद कुछ श्रमिकों ने तत्काल राहत-बचाव कार्य में भी सहयोग किया।


घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी, सेना और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंचीं। शुक्रवार तड़के से सुरंग के अंदर फंसे श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए अभियान तेज कर दिया गया।


सीएम धामी ने लिया घटनास्थल का जायजा -
खराब मौसम के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शुक्रवार को पीपलकोटी पहुंचे। हेलीकॉप्टर की लैंडिंग भी प्रतिकूल मौसम के कारण चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में हुई। मुख्यमंत्री ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और सुरंग के अंदर जाकर राहत एवं बचाव कार्यों की स्थिति का जायजा लिया।
मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और अन्य बचाव दलों से रेस्क्यू ऑपरेशन की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को सुरंग में फंसे प्रत्येक श्रमिक को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हरसंभव प्रयास करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री घायल श्रमिकों से भी मुलाकात कर उनका हाल जानेंगे।
बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ के श्रमिक शामिल

हादसे में प्रभावित श्रमिकों में बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड के लोग शामिल बताए जा रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार मृतकों में प्रदीप पंवार (35), निवासी ग्राम गांवर, चंबा टिहरी; मुकेश, दुर्लभ शर्मा (बिहार), विजय (झारखंड), जितेंद्र, लोकेश्वर (छत्तीसगढ़) और घुनेश्वर (छत्तीसगढ़) के नाम सामने आए हैं।

हादसे में कई श्रमिक घायल भी हुए हैं। प्रशासन और बचाव एजेंसियों की ओर से सुरंग के अंदर फंसे श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने का अभियान लगातार जारी है। अधिकारियों का कहना है कि रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद ही हादसे में हताहतों और घायलों की अंतिम संख्या स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल राहत-बचाव दलों का पूरा ध्यान सुरंग में फंसे तीन श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने पर है।