हल्द्वानी - मणिपुर में बलिदान हुए बलवंत सिंह को नम आंखों से दी विदाई, सैन्य सम्मान के साथ पंच तत्व में हुए विलीन
हल्द्वानी/लालकुआं - मणिपुर में उग्रवादियों के हमले में बलिदान हुए असम राइफल्स के वारंट अधिकारी बलवंत सिंह खेतवाल का पार्थिव शरीर गुरुवार तड़के करीब पांच बजे मोटाहल्दू के बकुलिया गांव स्थित अंबिका विहार, लाइन नंबर छह स्थित उनके आवास पर पहुंचा। तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर जैसे ही घर पहुंचा, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। वहीं, अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी और शुभचिंतक पहुंच गए।
पार्थिव शरीर के घर पहुंचते ही पूरा क्षेत्र 'भारत माता की जय' और 'बलिदानी बलवंत सिंह अमर रहें' के नारों से गूंज उठा। लोगों ने नम आंखों से वीर सपूत को श्रद्धांजलि अर्पित की। सुबह 8:40 बजे बलवंत सिंह खेतवाल की अंतिम यात्रा उनके आवास से चित्रशिला घाट के लिए रवाना हुई। अंतिम यात्रा में सैकड़ों लोग शामिल हुए। पूरे मार्ग में लोगों ने पुष्पवर्षा कर अपने वीर सपूत को भावभीनी विदाई दी।
चित्रशिला घाट पर सेना की ओर से पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान सेना के जवानों ने शस्त्र झुकाकर सलामी दी और राष्ट्र के प्रति उनके सर्वोच्च बलिदान को नमन किया। पंचतत्व में विलीन होते समय मौजूद हर आंख नम हो उठी।
अंतिम संस्कार में विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, पूर्व विधायक नवीन दुम्का, ग्राम प्रधान विपिन जोशी, जिला पंचायत सदस्य कमलेश चंदोला, प्रशासनिक अधिकारियों सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। पूरे क्षेत्र ने अपने वीर सपूत को अश्रुपूरित श्रद्धांजलि देते हुए अंतिम विदाई दी।