उत्तराखंड - SBI के ब्रांच मैनेजर को जिंदा जलाने के मामले में आरोपी को उम्रकैद की सजा, सिक्योरिटी गार्ड ने डाला था पेट्रोल
उत्तराखंड - पिथौरागढ़ की विशेष सत्र अदालत ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की धारचूला शाखा के ब्रांच मैनेजर मोहम्मद आवेश को पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने के मामले में आरोपी दीपक छेत्री को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। मामले में आरोपी बैंक में सिक्योरिटी गार्ड के तौर पर काम करता था।
लोक अभियोजक प्रमोद पंत के मुताबिक, विशेष सत्र न्यायाधीश की अदालत ने 24 तारीख को दीपक छेत्री को 6 मई 2023 को हुई घटना के लिए दोषी ठहराया। अदालत ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302 के तहत हत्या के मामले में उम्रकैद और 40 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। इसके अलावा आईपीसी की धारा 436 के तहत आरोपी को 10 साल के कारावास की सजा भी सुनाई गई है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 6 मई 2023 को किसी बात को लेकर ब्रांच मैनेजर मोहम्मद आवेश और दीपक छेत्री के बीच विवाद हुआ था। आरोप है कि विवाद के बाद दीपक ने मैनेजर पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। घटना के बाद बैंक परिसर में अफरा-तफरी मच गई। गंभीर रूप से झुलसे मैनेजर को तत्काल स्थानीय अस्पताल ले जाया गया।
हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने मोहम्मद आवेश को बेहतर उपचार के लिए दिल्ली रेफर कर दिया। दिल्ली में उपचार के दौरान घटना के करीब 10 दिन बाद 16 मई 2023 को उनकी मौत हो गई। इसके बाद मामले में हत्या की धाराओं के तहत कार्रवाई आगे बढ़ी।
लोक अभियोजक प्रमोद पंत ने बताया कि आरोपी के खिलाफ अपराध साबित करने के लिए अभियोजन पक्ष ने अदालत में 15 गवाहों के बयान दर्ज कराए। इसके साथ ही सीसीटीवी फुटेज, पेट्रोल की बोतल और बैंक परिसर से बरामद जली हुई वस्तुओं को भी महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में पेश किया गया। इन साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी माना और उम्रकैद की सजा सुनाई।