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अगर बढ़ाना चाहते हैं गाड़ी का माइलेज तो इन बातों का रखें ध्यान, आपको नई गाड़ी खरीदने की नहीं पड़ेगी जरूरत

बढ़ती महंगाई के बीच पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतें आम लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ा रही हैं। अच्छी माइलेज के लिए आपको कार या बाइक बदलने की जरूरत नहीं है। आपकी मौजूदा गाड़ी ही बेहतरीन माइलेज दे सकती है। इसके लिए कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना होगा। माइलेज बढ़ाना कोई बहुत मुश्किल नहीं है, इसके लिए आपको बस छोटी-छोटी चीजों को ध्यान में रखना होता है। जानिए कैसे रख सकते हैं अपनी गाड़ी को फिट और बढ़ा सकते हैं उसका माइलेज…

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टैफिक जाम में इंजन बंद कर दें

जब भी आप ट्रैफिक जाम में फंस जाए को अपनी कार का इंजन बंद कर दें। ऐसा करने से फ्यूल बचता है और एयर पॉल्यूशन भी कम होता है। एक स्टडी के अनुसार अगर आप सभी सिग्नल पर इग्नीशन ऑफ कर देते हैं तो हर महीने 1 से 2 लीटर तक बचा सकते हैं।

गियर बदलने में दिखाएं समझदारी

पेट्रोल व्हीकल्स के गियर 2500 आरपीएम (राउंड पर मिनट) से पहले बदले जाने चाहिए, वहीं, डीजल व्हीकल्स के गियर 2000 आरपीएम से पहले बदले जाने चाहिए। अगर आप इसका ख्याल रखेंगे तो कार बेहतर माइलेज देगी। यदि आप लंबे सफर पर हैं और एक जैसी स्पीड पर चल रहें हैं तो टॉप गियर का ही इस्तेमाल करें।

रफ्तार रखें धीमी

वर्ष 2011 में एक सर्वे में पाया गया था कि कम रफ्तार पर व्हीकल को चलाने से फ्यूल की बचत होती है। 90 किमी प्रतिघंटा की स्पीड से ज्यादा चलने पर कार में फ्यूल की खपत ज्यादा होती है। साथ ही सर्वे में यह भी कहा गया है कि 110 किमी प्रतिघंटा की स्पीड में फ्यूल की खपत 20 फीसदी तक बढ़ जाती है। हाइवे पर ड्राइविंग करते समय स्पीड का ध्यान रखा जाए तो फ्यूल की बचत होती है।

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टायर का प्रेशर चेक करें

हमेशा गाड़ी के टायर के प्रेशर को चेक करते रहना चाहिए। कम से कम माह में एक बार तो इसकी जांच करवा ही लेनी चाहिए। टायरों में करीब एक माह में करीब 0.15 बार्स प्रेशर की कमी आती है। यदि टायर का प्रेशर सही होगा तो गाड़ी की माइलेज पर इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। साथ ही, व्हील्स के अलाइनमेंट को भी समय-समय पर चेक करवाना चाहिए।

दूसरे व्हीकल से दूरी रखें

ट्रैफिक जाम में दूसरे व्हीकल्स से पर्याप्त दूरी वनाकर रखने से ट्रैफिक के फ्लो में चलते रहेंगे। जिससे फ्यूल बचता है और बार बार ब्रेक भी लगाना नहीं पड़ता। भरे जाम में अगर एकदम से ट्रैफिक रुक जाए तो एक्सीलेरेटर से पैर हटाकर अपनी गाड़ी को संभाल सकते है।

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गाड़ी की समय सर्विसिंग जरूर कराएं

अपनी गाड़ी की सर्विसिंग समय-समय पर जरूर करात रहें। खराब इंजन जरूरत से ज्यादा ईंधन की खपत और ष्टह्र२ का उत्सर्जन करता है। गंदे एयर फिल्टर और गंदा इंजन ऑयल- दोनों ईंधन की खपत बढ़ा देते हैं। इंजन ऑयल को सही समय के अंतराल पर बदलते रहें और अच्छे इंजन ऑयल का ही इस्तेमाल करें। रेग्युलर सर्विसिंग कराते रहने से सारे पाटर््स स्मूदली काम करते हैं और गाड़ी के इंजन पर प्रेशर नहीं पड़ता है। इससे भी आप काफी फ्यूल बचा सकते हैं।

ज्यादा सामान, ज्यादा खपत

कार की छत पर सामान रखने से हवा पर दबाव बढ़ जाता है जिसके कारण कार चलाने में ज्यादा पावर लगती है। इससे फ्यूल खपत बढ़ जाती है। आप को बता दें कि कार की विंडो, सन प्रुफ खुले रहने से भी हवा का दबाव बढ़ जाता है और इससे भी फ्यूल खर्च होता है। कार में ज्यादा लोगों को बैठाने से भी दबाव बनता है। 48 किलो वजन फ्यूल खर्च को 2 फीसदी तक बढ़ा देता है। साथ ही सुरक्षा और सावधानी के लिहाज से कार में हमेशा एक्सट्रा टायर, जैक और स्पेयर टूल्स रखें।

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एसी का प्रयोग कम करें

कार में एसी के कारण खपत 10 फीसदी तक बढ़ जाती है। 80 किमी प्रतिघंटा से ऊपर की स्पीड के लिए एसी का इस्तेमाल उचित माना जाता है। तेज स्पीड पर एसी की जगह एयर बेंट का इस्तेमाल करें। कार को धूप में पार्क न करें। ऐसा करने से एसी की जरूरत नहीं पड़ती।

धूप में पार्क न करें

धूप में पार्क करने से गाड़ी पूरी तरह से गरम हो जाती है। ऐसे में एसी चलाना मजबूरी होती है। और एसी का ज्यादा चलना मतलब ईंधन का खपत। गर्मियों में ये ट्रिक हमेशा अपनानी चाहिए।

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