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खुशखबरी -अब एक लाख में मिलेगा ई-ट्रैक्टर, खेत में ही होगा चार्ज

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ई-ट्रैक्टर – बढ़ते प्रदूषण और पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि के मद्देनजर इलेक्ट्रिक व्हीकल वाहन लगातार बाजार में फैलते जा रहे हैं। देश भर में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग बढ़ रही है। इलेक्ट्रिकरण का ये चलन सडक़ से अलग हट कर अब खेतों तक पहुंचने वाला है। पहले ई-बाइक, ई रिक्शा, ई-कार और अब ई-ट्रैक्टर आ रहा है, वह भी सबसे सस्ता। बाजार में जल्द आने वाले इस ई-ट्रैक्टर की कीमत सिर्फ एक लाख रुपए के करीब होगी।

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बताया जा रहा है कि इस ई-ट्रैक्टर में 10 हॉर्सपावर की बैटरी होगी। जो लिथियम बैट्री रहेगी। यानी यह काफी हल्का होगा। इससे छोटी जोत वाले किसानों को काफी फायदे होंगे। एक्सपर्ट के मुताबिक एक बार बैट्री चार्ज करने पर यह ई-ट्रैक्टर एक घंटे तक चलेगा। ये तमाम जानकारियां सेंट्रल मैकेनिकल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीच्युट ने दी है। उन्होंने कहा कि खेत में ही सोलर चार्जिंग स्टेशन बनाने की कोशिश हो रही है। इससे किसानों को टैक्टर का इस्तेमाल करने में काफी सुविधा होगी।

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कितनी होगी पावर

सरकारी शोध और विकास इकाई पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर कारखाने में एक साल के अंदर ट्रैक्टर के पहले ट्रायल की योजना बना रही है. CSIR-CMERI के डायरेक्टर, हरीश हीरानी ने कहा, ‘हम बैटरी से चलने वाले छोटे ट्रैक्टर को डेवलप करने पर काम कर रहे हैं। ये ट्रैक्टर 10 hp की ताकत देगा। हम कम वजन के प्रोडक्ट बनाने पर काम कर रहे हैं जो उन किसानों के लिए उपयोग होगा, जिनके पास खेती की जमीन कम है।

ट्रैक्टर कितना चलेगा

उन्होंने कहा कि रिसर्चर्स अगले एक साल में इसके पहले सफल परीक्षण की योजना बना रहे हैं। हीरानी ने कहा, ‘ट्रैक्टर लिथियम बैटरी से युक्त होगा। एक बार इसे पूरी तरह चार्ज करने पर ट्रैक्टर एक घंटा चलेगा।’ ट्रैक्टर की लागत के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इसकी कीमत एक लाख रुपए के करीब होगी। हालांकि हीरानी ने कहा कि ये बिक्री मूल्य नहीं है। सामान्य तौर पर जो कंपनी हमने प्रौद्योगिकी (टेक्नॉलजी) करती है, वो कुछ ऊंचे दाम पर इसे बेचती है।

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खेतों में बनाए जाएंगे चार्जिंग स्टेशन

सीएसआईआर-सीएमईआरआई के डायरेक्टर हरीश हिरानी ने बताया कि संस्थान बैटरी से चलने वाले ट्रैक्टर विकसित करने के लिए करीब 30 लाख रुपए निवेश कर रहा है। ट्रैक्टर के लिए चार्जिंग स्टेशन के बारे में हीरानी ने कहा कि वे खेतों में सौर ऊर्जा चालित चार्जिंग स्टेशन बनाने पर काम कर रहे हैं। इसे भारतीय बाजार को ध्यान में रख बनाया जा रहा है। हिरानी ने कहा, “जो कंपनी इसकी टेक्नोलॉजी हमसे लेगी, वह इसे थोड़ी ऊंची कीमत पर बेचेगी।

सीएसआईआर-सीएमईआरआई के डायरेक्टर हरीश हिरानी ने बताया कि इस ट्रैक्टर की उत्पादन लागत 1 लाख रुपये रखने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बाजार में इसका बिक्री मूल्य नहीं होगा। हिरानी ने कहा, “जो कंपनी इसकी टेक्नोलॉजी हमसे लेगी, वह इसे थोड़ी ऊंची कीमत पर बेचेगी। इस ट्रैक्टर को तैयार करने पर करीब 30 लाख रुपये निवेश कर रहा है। इसे भारतीय बाजार को ध्यान में रख बनाया जा रहा है।