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नई दिल्ली-अनिल अंबानी को सुप्रीम कोर्ट का बड़ा झटका, पैसे चुकाये नहीं तो जेल जाये

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नई दिल्ली-न्यूज टुडे नेटवर्क-सुप्रीम कोर्ट ने अवमानना मामले में प्रसिद्ध उद्योगपति अनिल अंबानी को दोषी करार दिया है। एरिक्‍सन की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि अंबानी को चार सप्‍ताह के भीतर एरिक्‍सन को 453 करोड़ रुपये देने होंगे। यदि तय समय में य‍ह राशि नहीं दी गई तो उसके बाद तीन महीने की जेल हो सकती है। सुप्रीम कोर्ट से आज रिलायंस कम्युनिकेशन लिमिटेड के चेयरमैन अनिल धीरूभाई अंबानी और अन्य को बडा़ झटका लगा है। कोर्ट ने अंबानी और अन्य दो को चार सप्ताह के भीतर एरिक्सन को 453 करोड़ रुपये चुकाने को कहा है। कोर्ट ने कहा गया है कि अगर पैसे नहीं चुकाए तो तीन महीने की जेल जाना होगा। अन्य दो डायरेक्टर रिलायंस टेलिकॉम चेयरमैन सतीश सेठ और रिलायंस इंफ्राटेल चेयरपर्सन छाया विरानी हैं।

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550 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं किया

गौरतलब है कि इससे पहले रिलायंस कम्युनिकेशन के चेयरमैन अनिल अंबानी एरिक्सन इंडिया की तरफ से दायर की गई अदालत की अवमानना संबंधी याचिका के मामले में 12 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए थे। एरिक्सन का आरोप है कि आरकॉम ने रिलायंस जियो को अपनी संपत्ति बेचने के बावजूद भी अब तक उसका 550 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं किया। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट की तरफ से 23 अक्टूबर को दिए गए आदेश में रिलायंस कम्युनिकेशंस को एरिक्सन इंडिया का बकाया 15 दिसंबर तक क्लीयर करने के लिए कहा था। साथ ही देरी से हुए भुगतान पर 12 प्रतिशत की दर से ब्याज देने की भी बात कही थी। सुप्रीम कोर्ट ने अनिल अंबानी को अवमानना का दोषी भी ठहराया है।

सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया फैसला

कोर्ट ने ये फैसला एरिक्सन को 550 करोड़ रुपये बकाया चुकाने के मामले में सुनाया है।कोर्ट अंबानी सहित अन्य दो पर एक करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट का कहना है कि जुर्माना एक महीने के भीतर भरें। अगर ऐसा नहीं हुआ तो एक महीने की जेल होगी। इससे पहले आरकॉम के वकील मुकुल रोहतगी ने अदालत में जवाब दाखिल कर कहा था कि एरिक्सन के 550 करोड़ रुपये के बकाया कर्ज का भुगतान नहीं कर कंपनी ने किसी प्रकार की अवमानना नहीं की है। रोहतगी के मुताबिक, एरिक्सन का बकाया इसलिए नहीं चुकाया गया, क्योंकि आरकॉम का रिलायंस जियो के साथ स्पेक्ट्रम बिक्री का सौदा टूट गया। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल 23 अक्तूबर को आरकॉम से कहा था कि वह 15 दिसंबर 2018 तक बकाया राशि का भुगतान करे और ऐसा नहीं करने पर उसे 12 फीसद सालाना की दर से ब्याज भी देना होगा।