देहरादून-कोरोना से मौत पर 10 लाख दे सरकार, प्रवासियों के साथ ऐसे हुआ दुव्र्यवहार-धस्माना

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देहरादून-प्रवासियों और रोजगार को लेकर कांग्रेस पार्टी प्रदेश सरकार को लगातार घेरने में लगी हुई है। आज कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में क्‍वारंटाइन सेंटरों की बदहाली राज्य सरकार की अदूरदर्शी नीतियों के कारण बनी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वापस आकर प्रवासियों की मौत हो रही है। इसके लिए उन्होंने सीधे तौर पर राज्य सरकार को जिम्मेदार है।

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सूर्यकांत धस्माना ने मांग की कि राज्य सरकार की गलत क्‍वारंटीन नीति के कारण मरने वाले हर व्यक्ति के परिवार को पांच लाख रुपये राज्य सरकार और पांच लाख रुपये प्रधानमंत्री केयर फंड से देने की मांग की। उत्तराखंड के प्रवासी इस उम्मीद से वापस अपने प्रदेश आये थे कि वे अपने घर में कोरोना से बच जाएंगे, लेकिन यहां की सरकार ने उनके साथ दुव्र्यवहार किया है।

धस्माना ने पौड़ी जिले के थलीसैण ब्लॉक का जिक्र करते हुए कहा कि मांसों गांव में दिल्ली से आये पांच सदस्यों के परिवार में जिनको गौशाला में क्‍वारंटाइन किया गया था परिवार की महिला का मरना व उसके शव को परीक्षण के लिए ले जाने के लिए 20 घंटे तक एम्बुलेंस का इंतजार करना सारी व्यवस्थाओं की पोल खोल रहा है। अगर तीसरे लॉकडाउन तक सरकार प्रवासियों को वापस ले आती तो संक्रमण इतना नहीं फैलता। मुख्यमंत्री रोज नई घोषणा कर देते हैं, लेकिन पिछली घोषणाओं पर अमल हुआ या नहीं इस पर कोई ध्यान नहीं देते। ग्राम प्रधानों को 10-10 हजार रुपये देने और पर्यटन व्यवसाय से लोगों को रोजगार देने की बात हवा- हवाई साबित हुई।

 

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