केंद्र ने राज्यों से कहा, 9 महीने से 5 साल तक के बच्चों को एक और एमआरसीवी खुराक दें

नई दिल्ली, 23 नवंबर (आईएएनएस)। कई राज्यों में खसरे के मामलों में तेजी के बीच केंद्र ने बुधवार को सभी राज्यों से कहा कि वे संवेदनशील क्षेत्रों में 9 महीने से 5 साल उम्र के बीच के सभी बच्चों को खसरा और रूबेला नियंत्रण टीके (एमआरसीवी) की एक अतिरिक्त खुराक दें।
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केंद्र ने राज्यों से कहा, 9 महीने से 5 साल तक के बच्चों को एक और एमआरसीवी खुराक दें नई दिल्ली, 23 नवंबर (आईएएनएस)। कई राज्यों में खसरे के मामलों में तेजी के बीच केंद्र ने बुधवार को सभी राज्यों से कहा कि वे संवेदनशील क्षेत्रों में 9 महीने से 5 साल उम्र के बीच के सभी बच्चों को खसरा और रूबेला नियंत्रण टीके (एमआरसीवी) की एक अतिरिक्त खुराक दें।

संयुक्त सचिव, स्वास्थ्य डॉ. पी. अशोक बाबू ने पत्र में कहा है, हाल ही में बिहार, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, केरल और महाराष्ट्र के कुछ जिलों से खसरे के मामलों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है। मामलों की संख्या में तेजी से वृद्धि और खसरे के कारण कुछ मृत्यु भी विशेष रूप से बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) और महाराष्ट्र के कुछ अन्य जिलों में देखी गई है।

इस संदर्भ में बुधवार को नीति आयोग के स्वास्थ्य सदस्य डॉ. वी.के. पॉल स्थिति की समीक्षा करने के लिए बैठक की।

केंद्र ने कहा कि बैठक में विशेषज्ञों के साथ-साथ डब्ल्यूएचओ के दक्षिण-पूर्व एशियाई क्षेत्रीय कार्यालय और डब्ल्यूएचओ भारत कार्यालय के इनपुट के आधार पर राज्यों/केंद्र ्रशासित प्रदेशों को सलाह दी जाती है कि वे एक अतिरिक्त खुराक (सार्वभौमिक टीकाकरण के लिए खसरा और रूबेला के लिए विशेष खुराक) देने पर विचार करें, क्योंकि 9 महीने से 5 साल के बच्चों में खसरे के मामलों की संख्या में वृद्धि देखी जा रही है।

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पत्र में कहा गया है कि यह खुराक 9-12 महीने में पहली खुराक और 16-24 महीने में दूसरी खुराक के प्राथमिक टीकाकरण कार्यक्रम के अतिरिक्त होगी। एमआरसीवी की एक खुराक 6 महीने और 9 महीने से कम उम्र के सभी बच्चों को उन क्षेत्रों में दी जानी है, जहां 9 महीने से कम आयु वर्ग के खसरे के मामले कुल खसरे के मामलों के 10 प्रतिशत से अधिक हैं।

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पत्र में आगे कहा गया है, चूंकि एमआरसीवी की यह खुराक इस समूह को प्रकोप प्रतिक्रिया प्रतिरक्षण (ओआरआई) मोड में दी जा रही है, इसलिए इन बच्चों को प्राथमिक (नियमित) खसरा और रूबेला टीकाकरण कार्यक्रम के अनुसार एमआरसीवी की पहली और दूसरी खुराक से भी कवर किया जाना चाहिए।

पत्र में यह भी कहा गया है कि डब्ल्यूएचओ और यूनिसेफ के अनुमानों (टीकाकरण कवरेज के डब्ल्यूयूईएनआईसी अनुमान 2021) के अनुसार, राष्ट्रीय स्तर पर एमआरसीवी की पहली खुराक का कवरेज 89 प्रतिशत और दूसरी खुराक का 82 प्रतिशत है। भारत दिसंबर 2023 तक खसरा और रूबेला के उन्मूलन के लिए प्रतिबद्ध है।

केंद्र ने राज्यों को ऐसे बच्चों के समय पर स्थानांतरण और उपचार के लिए समर्पित स्वास्थ्य सुविधाओं में खसरे के प्रभावी केसलोड प्रबंधन के लिए वार्ड और बेड निर्धारित करने की भी सलाह दी है।

--आईएएनएस

एसजीके/एएनएम