हल्द्वानी- शिक्षाविद बहादुर सिंह बिष्ट बने उत्तराखंड उच्च शिक्षा उन्नयन समिति के उपाध्यक्ष, किये हैं शिक्षा जगत के लिए काम

Slider

Slider

उत्तराखंड सरकार ने उच्च शिक्षा को नए आयाम देने के लिए पूर्व उच्च शिक्षा संयुक्त निदेशक डा बहादुर सिंह बिष्ट को तोहफे में राज्यमंत्री का दर्जा दिया है। श्री बहादुर सिंह बिष्ट उच्च शिक्षा निदेशालय से संयुक्त निदेशक के पद से रिटायर हुए हैं और उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत के थिंक टैंक के तौर पर जाने जाते है। आरएसएस में वह विभिन्न पदों पर रह चुके है।वर्तमान में कुमाऊ विश्व विद्यालय के executive council member,Academic council member श्रीदेव सुमन विश्व विधालय,तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक सघ के विभाग सघ चालक नैनीताल का दायित्व का निर्वाहन कर रहे हैं।

50 साल से शिक्षा विभाग में दे रहे हैं सेवाएं

प्रोफेसर बिष्ट का जन्म बागेश्वर में हुआ।और उनकी प्रारंभिक शिक्षा केंद्रीय विद्यालय रानीखेत से हुई जिसके बाद उन्होंने M.sc स्नाकोत्तर नैनीताल से किया। डाक्टरेट नैनीताल कुमाऊँ विश्विद्यालय से करने के बाद आपने 1972 में गोपेश्वर राजकीय कालेज से असिस्टेंट प्रोफ़ेसर के रुप में कैरियर की शुरुआत करी।50 वर्ष का उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अनुभव प्राप्त डा बहादुर सिंह पूर्व में प्रिंसिपल बागेश्वर,जहरीखाल ,M b p g हल्द्वानी रह चुके है। साथ ही उच्च शिक्षा निदेशालय का कार्य भी आप के द्वारा बखूबी निभाया गया।

आप के द्वारा वरिष्ठ सलाहकार उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय रहते हुए अनेक रचनातमक कार्य किये।डा बहादुर सिंह की नियुक्ति पर शिक्षाविदो, विद्यार्थियों एवं शिक्षा के क्षेत्र से जुडे लोगों में खुशी का माहौल है उनकी नियुक्ति पर तरूण सक्सेना, लाल सिंह पवार, शेलेन्द्र दानू मोहित कांडपाल , योगेश मेलकानी , ललित मोहन जोशी एडवोकेट , कुलदीप कुल्याल, दिक्ष्य पाडे ने घर जाकर बधाई दी। उन्होंने कहा 104 महाविद्यालय पूरे प्रदेश में हैं आज की स्थिति को देखते हुए महाविद्यालय में पढ़ पठान की व्यवस्था, विद्यार्थियों की समस्या और उच्च शिक्षा को आदर्श मानदण्डों को छूने का उनका प्रयास रहेगा। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री और उच्च शिक्षा मंत्री दोनों के द्वारा दिये गए निर्णय को शतप्रतिशत लागू कराने के लिए वह प्रोफेसर और कर्मचारियों से बात करेंगे

उत्तराखंड की बड़ी खबरें