सांसद-विधायकों ने किया कुछ ऐसा कि ऊर्जा मंत्री को लिखना पड़ा पत्र

लखनऊ। कई सांसदों और विधायकों (MP and MLA) ने बिजली का बिल नहीं भरा है। बकाया ज्‍यादा होने से इस वित्तीय वर्ष (financial year) 13 हजार करोड़ से अधिक का कैशगैप हो गया। अब प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने सभी विधायकों, सांसदों के साथ ही ग्राम प्रधानों तक को पत्र (letter) लिखा है। उन्‍होंने बिजली बकाया चुकाने की अपील करते हुए कहा है कि बकाया वसूली अभियान में सहयोग करें।


ऊर्जा मंत्री (Energy Minister) श्रीकांत शर्मा ने बताया कि जुर्माना और ब्‍याज के बिना बिल के भुगतान के लिए आसान किस्‍त योजना लाई गई है, जिससे उपभोक्‍ताओं को परेशान न हो। उन्‍होंने कहा कि बिजली बकाया बिल (electricity bill) नहीं जमा होने से हजारों करोड़ रुपये अटके पड़े हैं। उन्‍होंने सभी से आग्रह करते हुए कहा कि इस योजना का लाभ उठा कर बकाया का भुगतान करें। इस दौरान मंत्री ने जानकारी दी कि विद्युत आपूर्ति की प्रति यूनिट लागत 7.35 रुपये आती है। निजी नलकूप के उपभोक्ताओं को सरकार 1.21 रुपये प्रति यूनिट, बीपीएल उपभोक्ताओं को प्रथम 100 यूनिट 3 रुपये प्रति यूनिट और घरेलू उपभोक्ताओं को प्रथम 100 यूनिट 3.35 रुपये प्रति यूनिट की दर से उपलब्ध कराई जा रही है।

उत्तराखंड की बड़ी खबरें