संविधान की मूल भावना को समझें विधायक और सांसद: वीपी धनखड़

जयपुर, 20 सितम्बर (आईएएनएस)। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने मंगलवार को कहा कि, विधायकों और सांसदों को संविधान की मूल भावना को समझना चाहिए। राजस्थान विधानसभा में उनके अभिनंदन के लिए आयोजित एक समारोह में बोलते हुए उन्होंने कहा, संसद और विधानसभाओं का कामकाज एक स्वस्थ लोकतंत्र की संपत्ति है। लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली अनुकरणीय होनी चाहिए।
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संविधान की मूल भावना को समझें विधायक और सांसद: वीपी धनखड़ जयपुर, 20 सितम्बर (आईएएनएस)। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने मंगलवार को कहा कि, विधायकों और सांसदों को संविधान की मूल भावना को समझना चाहिए। राजस्थान विधानसभा में उनके अभिनंदन के लिए आयोजित एक समारोह में बोलते हुए उन्होंने कहा, संसद और विधानसभाओं का कामकाज एक स्वस्थ लोकतंत्र की संपत्ति है। लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली अनुकरणीय होनी चाहिए।

धनखड़ ने जवाबदेही और पारदर्शिता को संसद और विधानसभाओं के मुख्य कार्यों के रूप में बताया और सदस्यों से अपने विचार व्यक्त करने के लिए सदन का उपयोग करने के लिए कहा। साथ ही उन्होंने कहा कि, राज्य के तीन अंगों-विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका में से कोई भी एक-दूसरे से श्रेष्ठ नहीं है, ये सभी संविधान के अंतर्गत आते हैं।

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कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सी.पी. जोशी ने कहा कि पूरे सदन को गर्व है कि उपराष्ट्रपति धनखड़ इस विधानसभा के सदस्य रहे हैं। वह भैरों सिंह शेखावत के बाद उपराष्ट्रपति की कुर्सी संभालने वाले दूसरे व्यक्ति हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने धनखड़ को देश के दूसरे सर्वोच्च पद पर चुने जाने पर बधाई दी और कहा कि यह राज्य में हम सभी के लिए गर्व की बात है।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि, धनखड़ ने हमेशा राजस्थान का गौरव बढ़ाया है। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के रूप में भी, उन्होंने प्रवासी राजस्थानियों के लिए हमेशा अपने दरवाजे खुले रखे और हर संभव मदद की। मुख्यमंत्री ने कहा कि, उन्हें पूरा विश्वास है कि उपराष्ट्रपति रहकर भी वे राजस्थान की प्रगति के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।

नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि राजस्थान विधानसभा के लिए यह एक सुनहरा दिन है कि इस सदन के एक सदस्य और राज्य के इस हिस्से में पले-बढ़े व्यक्ति ने उपराष्ट्रपति का पद हासिल किया है। धनखड़ ने दीप प्रज्‍जवलित कर सम्मान समारोह का उद्घाटन किया। इस मौके पर जोशी, गहलोत और कटारिया ने धनखड़ को पौधा भेंट कर स्वागत किया। इससे पहले जोशी और गहलोत ने विधानसभा परिसर में उपराष्ट्रपति की अगवानी की। विधानसभा पहुंचने पर उपराष्ट्रपति को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।

--आईएएनएस

केसी/एएनएम