शौचालय घोटाले की प्रारंभिक जांच कर उपराज्यपाल तुरंत प्रभाव से एफआईआर दर्ज करवाऐं: दिल्ली कांग्रेस

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शौचालय घोटाले की प्रारंभिक जांच कर उपराज्यपाल तुरंत प्रभाव से एफआईआर दर्ज करवाऐं: दिल्ली कांग्रेस

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अनिल चौधरी ने कहा कि, भ्रष्टाचार मुक्त शासन की आवाज उठाने वाले केजरीवाल की दिल्ली सरकार के 8 वर्षों के शासन में लगातार एक के बाद एक भ्रष्टाचार मामलों को दिल्ली कांग्रेस दिल्लीवासियों के सामने उजागर कर रही है।

शराब घोटाले, डीटीसी बस खरीद और रख-रखाव घोटाला, क्लास रुम घोटाले के बाद मनीष सिसोदिया के संरक्षण में अब दिल्ली शहरी आश्रय विकास बोर्ड का शौचालय घोटाला दिल्ली कांग्रेस ने उजागर किया है, जिसकी शिकायत हमने दिल्ली के उपराज्यपाल से मुलाकात में कर दी है।

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प्रदेश कांग्रेस के मुताबिक, दिल्ली के जे.जे. कलस्टर एवं स्लम क्षेत्रों में शौचालयों की सुविधा देने के लिए डूसीब 725 शौचालयों के 23000 डब्लू.सी. शीटों के रख-रखाव का काम करता है जिस पर 42 करोड़ का वार्षिक खर्च आता है। इसके लिए ई-पोर्टल की जगह जीएम पोर्टल पर टेंडर डालकर सिर्फ एक कम्पनी को फायदा पहुंचाने का काम किया और नियमों को ताक पर रखकर टेंडर करने में मनीष सिसोदिया की दिलचस्पी बड़े भ्रष्टाचार को उजागर करती है।

प्रदेश कांग्रेस नें दिल्ली सरकार को घेरते हुए पूछा है कि, सिसोदिया ने यह टेंडर उसी कम्पनी को दिया जिसे उन्होंने 27 जनवरी, 2022 को प्रतिबंधित करने का निर्णय लिया था, जिसे 10 मई, 2022 को प्रतिबंधित किया गया। कैसे हाई कोर्ट से खराब प्रदर्शन पर प्रतिबंध में राहत नही मिलने पर विभाग साईनाथ सेल्स एंड सर्विसेस प्रा0लि0 को टेंडर दिया? और जब डूसीब एक कम्पनी के काम से संतुष्ट नही है तो कम्पनी टेंडर में भाग कैसे लिया?

इसके अलावा अनिल चौधरी ने कहा, शौचालय घोटाले में डूसीब विभाग द्वारा चुप्पी साधना, केजरीवाल सरकार की चुप्पी और भाजपा द्वारा करोड़ों के नियमों को ताक पर रखकर शौचालयों के टेंडर में चुप्पी क्यों साधे हुए है? केजरीवाल ने 18 विभाग वाले मनीष सिसोदिया को एक अन्य विभाग भ्रष्टाचार मंत्रालय भी सौंप दिया है। कैसे सिसोदिया शहरी विकास, आबकारी विभाग, शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार कर दिल्ली लूट रहे हैं?

--आईएएनएस

एमएसके/एएनएम