शहरी नक्सलियों को विकास परियोजनाओं को ठप करने से रोकने की जरूरत : मोदी

नई दिल्ली, 23 सितम्बर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को विकास परियोजनाओं में रुकावटें पैदा करने के लिए शहरी नक्सलियों को जिम्मेदार ठहराया और प्रगतिशील कार्यों को रोकने के लिए वैश्विक निकायों और संस्थानों को प्रभावित करने के लिए उन पर निशाना साधा।
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शहरी नक्सलियों को विकास परियोजनाओं को ठप करने से रोकने की जरूरत : मोदी नई दिल्ली, 23 सितम्बर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को विकास परियोजनाओं में रुकावटें पैदा करने के लिए शहरी नक्सलियों को जिम्मेदार ठहराया और प्रगतिशील कार्यों को रोकने के लिए वैश्विक निकायों और संस्थानों को प्रभावित करने के लिए उन पर निशाना साधा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे तत्वों की षड्यंत्रों को रोकने की जरूरत है।

गुजरात के एकता नगर में सरदार सरोवर बांध के स्थान पर राज्य के पर्यावरण मंत्रियों के एक सम्मेलन में अपने वर्चुअल संबोधन में, मोदी ने कहा, हमने देखा है कि कैसे पर्यावरण मंजूरी के नाम पर आधुनिक बुनियादी ढांचे के निर्माण को रोकने के लिए बाधाएं पैदा की जाती हैं। आप नहीं मानेंगे कि कैसे शहरी नक्सलियों और विकास विरोधी तत्वों ने सरदार सरोवर बांध के निर्माण में देरी की थी।

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यहां एकता नगर में, पंडित नेहरू द्वारा स्वतंत्रता के तुरंत बाद बांध की आधारशिला रखी गई थी, लेकिन फिर शहरी नक्सलियों ने दावा किया कि यह परियोजना पर्यावरण विरोधी थी और यह कई दशकों तक ठप रही। जब मैं गुजरात का मुख्यमंत्री बना तब ही यह पूरा हो सका। जनता का इतना पैसा बर्बाद हुआ।

प्रधानमंत्री ने कहा, वही एकता नगर अब पर्यावरण का तीर्थ है।

पीएम ने कहा, फिर भी, ये शहरी नक्सली चुप नहीं रहे हैं। उनके झूठ का पदार्फाश होने के बावजूद, वे हार मानने को तैयार नहीं हैं। वे राजनीतिक समर्थन प्राप्त करने का प्रबंधन करते हैं और यह आश्चर्यजनक है कि कितनी वैश्विक संस्थाएं उनसे प्रभावित हैं जो विकास परियोजनाओं के खिलाफ आपत्तियां उठाती हैं। हमें ऐसे शहरी नक्सलियों की साजिशों को रोकना होगा।

उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के रास्ते में कोई समझौता नहीं होना चाहिए और ऐसे मुद्दों पर समग्र ²ष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए।

मोदी ने राज्य पर्यावरण मंत्रियों से कहा, हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि परियोजनाओं के लिए पर्यावरण और वन मंजूरी में देरी न हो। इससे लागत बढ़ जाती है। हमें ऐसी पर्यावरणीय परियोजनाओं में लंबित मामलों को जितना संभव हो कम करने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्यों दोनों को पर्यावरण से संबंधित परियोजनाओं को मंजूरी में तेजी लाने के लिए मिलकर काम करना चाहिए।

--आईएएनएस

आरएचए/एएनएम