शंकराचार्य ने समान नागरिक संहिता, मंदिर और गौ रक्षा के लिए देश को जगाया : शिवराज

नरसिंहपुर, 23 सितम्बर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शंकराचार्य स्वरुपानंद सरस्वती के समाधि स्थल पर पहुंचकर श्रद्धा सुमन अर्पित किए और कहा कि समान नागरिक संहिता, अयोध्या में भगवान श्रीराम के मंदिर का निर्माण और गौ रक्षा जैसे विषयों पर देश को जगाने का काम किया। मुख्यमंत्री के साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा भी थे।
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शंकराचार्य ने समान नागरिक संहिता, मंदिर और गौ रक्षा के लिए देश को जगाया : शिवराज नरसिंहपुर, 23 सितम्बर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शंकराचार्य स्वरुपानंद सरस्वती के समाधि स्थल पर पहुंचकर श्रद्धा सुमन अर्पित किए और कहा कि समान नागरिक संहिता, अयोध्या में भगवान श्रीराम के मंदिर का निर्माण और गौ रक्षा जैसे विषयों पर देश को जगाने का काम किया। मुख्यमंत्री के साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा भी थे।

शंकराचार्य का स्मरण करते हुए चौहान ने कहा, हमारे संतों एवं ऋषियों ने ईश्वर को प्राप्त करने के तीन मार्ग- ज्ञान मार्ग, भक्ति मार्ग, और कर्म मार्ग बताए हैं। ज्ञान, भक्ति और कर्म तीनों के त्रिवेणी संगम थे परम पूज्य ब्रह्मलीन जगद्गुरु शंकराचार्य जी महाराज। नौवर्ष की आयु में ही उन्होंने घर छोड़ दिया था। वह महान देशभक्त भी थे।

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चौहान ने आगे कहा, उन्होंने ज्ञान पिपासा तो शांत की ही, आजादी की लड़ाई में भी भाग लिया। वह 19 महीने जेल में रहे और क्रांतिकारी साधु कहलाए। उन्होंने धर्म की जय, अधर्म के नाश, प्राणियों में सद्भावना और विश्व के कल्याण के लिए पूरा जीवन समर्पित किया। समान नागरिक संहिता, अयोध्या में भगवान श्रीराम के मंदिर का निर्माण और गौ रक्षा जैसे विषयों पर हमेशा उन्होंने देश को जगाने का काम किया।

मुख्यमंत्री चौहान ने आगे कहा, वह दीन, दुखी, दलितों और शोषितों के लिए जीवन भर काम करते रहे, चाहे झारखंड में विश्व कल्याण आश्रम हो, या अलग-अलग राज्यों में जनजातियों के कल्याण के काम। चिकित्सालय, विद्यालय, संस्कृत पाठशाला सहित अनेकों सेवा के कामों का सदैव उन्होंने संचालन किया है।

--आईएएनएस

एसएनपी/एएनएम