व्हाट्सएप-पे इंडिया के प्रमुख महत्मे ने दिया इस्तीफा, अमेजन-पे में शामिल होने की संभावना

नई दिल्ली, 22 सितम्बर (आईएएनएस)। भारत में व्हाट्सएप पेमेंट के भारत प्रमुख मनेश महात्मे ने मेटा के स्वामित्व वाले प्लेटफॉर्म को छोड़ दिया है और वह कथित तौर पर अमेजन जा रहे हैं, जहां उन्होंने पहले काम किया था।
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व्हाट्सएप-पे इंडिया के प्रमुख महत्मे ने दिया इस्तीफा, अमेजन-पे में शामिल होने की संभावना नई दिल्ली, 22 सितम्बर (आईएएनएस)। भारत में व्हाट्सएप पेमेंट के भारत प्रमुख मनेश महात्मे ने मेटा के स्वामित्व वाले प्लेटफॉर्म को छोड़ दिया है और वह कथित तौर पर अमेजन जा रहे हैं, जहां उन्होंने पहले काम किया था।

महात्मे ने लगभग 18 महीनों तक व्हाट्सएप पेमेंट पर काम किया और मेटा के अनुसार, उन्होंने भारत में व्हाट्सएप पर भुगतान तक पहुंच बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मेटा ने कहा कि, हम उनके भविष्य के प्रयासों के लिए हर सफलता की कामना करते हैं। व्हाट्सएप पर भुगतान मेटा के लिए प्राथमिकता है और हम अगले 500 मिलियन भारतीयों को डिजिटल भुगतान से जोड़ने के अपने व्यापक प्रयासों को तेजी से जारी रखेंगे।

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महात्मे पिछले साल अप्रैल में व्हाट्सएप पे के निदेशक और प्रमुख के रूप में शामिल हुए थे। व्हाट्सएप में शामिल होने से पहले, वह लगभग सात सालों तक अमेजन पे इंडिया में निदेशक और बोर्ड के सदस्य थे। पिछले साल के अंत में, एनपीसीआई ने व्हाट्सएप की भुगतान सेवा के लिए यूजर कैप को मौजूदा 20 मिलियन से बढ़ाकर 40 मिलियन करने की मंजूरी दी थी। व्हाट्सएप को इस साल अप्रैल में भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) से 100 मिलियन उपयोगकर्ताओं के लिए भुगतान सेवा का विस्तार करने की अनुमति मिली थी।

व्हाट्सएप इंडिया ने देश भर में अपने प्लेटफॉर्म पर डिजिटल भुगतान के संबंध में महत्वपूर्ण निवेश किया है, ताकि एक ऐसे बाजार में अपनी वृद्धि को गति दी जा सके जहां एकीकृत भुगतान इंटरफेस (यूपीआई) आधारित भुगतानों को अपनाने में भीड़ बढ़ी है। महात्मे ने हाल ही में आईएएनएस को बताया कि मेटा-स्वामित्व वाली कंपनी ने पिछले कुछ हफ्तों में व्हाट्सएप पर भुगतान में कई भारत-विशिष्ट सुविधाएं पेश की हैं जिसके रोमांचक परिणाम देखे हैं।

कंपनी के शीर्ष कार्यकारी ने कहा, हमारा मानना है कि व्हाट्सएप पे एनपीसीआई और आरबीआई के लिए एक महत्वपूर्ण भागीदार हो सकता है क्योंकि हम सभी का लक्ष्य यूपीआई और वित्तीय समावेशन को सबसे ज्यादा जरूरत वाले लोगों तक पहुंचाना है। एनपीसीआई के आंकड़ों के मुताबिक, यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) ने अगस्त में 10.72 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड 6.57 अरब (657 करोड़) लेनदेन किए। यूपीआई वॉल्यूम में वृद्धि लगभग 100 प्रतिशत (वर्ष-दर-वर्ष) है और अगस्त के महीने में लेन-देन की मात्रा में 75 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। देश ने पिछले महीने पहली बार छह अरब लेनदेन को पार किया, जिसमें 10.62 लाख करोड़ रुपये के 6.28 अरब लेनदेन हुए।

--आईएएनएस

केसी/एएनएम