लाख विरोध के बाद भी बाबा केदार धाम के गर्भ गृह में सोने की परत चढ़ाने का काम जारी

रुद्रप्रयाग, 22 सितंबर (आईएएनएस)। विश्व प्रसिद्ध बाबा केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह में सोने की परत चढ़ाने का कार्य जारी है। हाला कि कुछ तीर्थ पुरोहित इसका लगातार विरोध भी कर रहे हैं। उनका कहना है कि ऐसा करने से मंदिर की शुद्धता भंग होगी, मंदिर सदियों से जैसा है उसे वैसाही रहने दिया जाए। पुरोहितों के विरोध के बावजूद भी सोने की परत चढ़ाये जाने का कार्य जारी है। कुछ तीर्थ पुरोहित लगातार इसका विरोध कर रहे हैं, बावजूद इसके बदरी-केदार मंदिर समिति की ओर से मंदिर के गर्भ गृह में सोने की परत चढ़ाने का कार्य करवाया जा रहा है।
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लाख विरोध के बाद भी बाबा केदार धाम के गर्भ गृह में सोने की परत चढ़ाने का काम जारी रुद्रप्रयाग, 22 सितंबर (आईएएनएस)। विश्व प्रसिद्ध बाबा केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह में सोने की परत चढ़ाने का कार्य जारी है। हाला कि कुछ तीर्थ पुरोहित इसका लगातार विरोध भी कर रहे हैं। उनका कहना है कि ऐसा करने से मंदिर की शुद्धता भंग होगी, मंदिर सदियों से जैसा है उसे वैसाही रहने दिया जाए। पुरोहितों के विरोध के बावजूद भी सोने की परत चढ़ाये जाने का कार्य जारी है। कुछ तीर्थ पुरोहित लगातार इसका विरोध कर रहे हैं, बावजूद इसके बदरी-केदार मंदिर समिति की ओर से मंदिर के गर्भ गृह में सोने की परत चढ़ाने का कार्य करवाया जा रहा है।

विरोध कर रहे तीर्थ पुरोहितों का कहना है कि मंदिर के गर्भ गृह में सोने की परत न चढ़ाये जाने के लिए उन्हें उत्तराखंड के चारों धामों के तीर्थ पुरोहितों का समर्थन मिल रहा है। इस पर बदरी केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष का कहना है कि सोने की परत चढ़ाये जाने का कार्य निर्वाद गति से चल रहा है। उन्होंने कहा कि जो तीर्थ पुरोहित इसका विरोध कर रहे हैं। उनसे बातचीत करके उनकी शंका को दूर किया गया है।

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दरअसल,बाबा केदार मंदिर के गर्भ गृह में महाराष्ट्र के एक श्रद्धालु ने सोने की परत चढ़ाने की इच्छा जाहिर की थी। जिसके बाद बदरी केदार मंदिर समिति ने शासन से अनुमति लेकर सोने की परत चढ़ाने को लेकर कार्य शुरू कर दिया। जिस स्थान पर सोने की परत चढ़ाई जा रही हैं, वहां पहले से चांदी की परते थी। अब चांदी के स्थान पर सोने की परते चढ़ाई जा रही है। मंदिर के भीतर सोने की परते चढ़ाने की सूचना के बाद केदारनाथ धाम के तीर्थ पुरोहित इसका विरोध कर रहे हैं। कुछ तीर्थ पुरोहितों ने तो शुरूआती चरण में रात्रि के समय में मंदिर के बाहर पहरा देकर कार्य को रोकने की भी कोशिश की।

तीर्थ पुरोहितों का कहना है कि केदारनाथ मंदिर मोक्ष धाम है। यहां भक्त मोक्ष प्राप्ति करने के लिये आते हैं न कि सोने-चांदी को देखने। सोना-चांदी चढ़ने से यहां की पौराणिक परंपराएं प्रभावित हो रही हैं। साथ ही पौराणिक मंदिर पर ग्रिल मशीन से छेद करना उचित नहीं है। ऐसे में किसी भी हाल में मंदिर में सोने की परत नहीं चढ़ने दी जायेगी।

वहीं अब पूरे मामले में नया मोड़ सामने आ गया है। एक ओर जहां बदरी केदार मंदिर समिति मंदिर के गर्भ गृह में कार्य करवा रही है। वहीं तीर्थ पुरोहित सोने की परत न चढ़ाये जाने को लेकर अन्य धामों के तीर्थ पुरोहितों और साधु-संतों का सहयोग मिलने की बात कह रहे हैं।

विरोध कर रहे तीर्थ पुरोहित संतोष त्रिवेदी का कहना है कि सभी तीर्थ पुरोहितों की ओर से विरोध लगातार जारी है। अब चारों धामों के तीर्थ पुरोहित भी लगातार विरोध कर रहे हैं।इतना ही नहीं देश-विदेश के साधु संत भी इस विरोध में हमारा साथ दे रहे हैं। अभी भी जबरन मंदिर के भीतर कार्य किया जा रहा है, जो कि सरासर गलत है। अब अपनी आवाज को केन्द्र सरकार तक पहुंचाया जायेगा और उग्र आंदोलन किया जायेगा।

वहीं भारी विरोध के बीच बदरी केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेन्द्र अजय ने कहा कि निर्वाद रूप से मंदिर के गर्भ गृह को स्वर्ण मंडित करने का कार्य जारी है। जो तीर्थ पुरोहित और हक हकूकधारी विरोध कर रहे हैं। उनको समझा कर उनकी शंखाओं को दूर किया गया है।

वहीं, केदारनाथ मंदिर में सोने की परत चढ़ाये जाने को लेकर अब राजनीति भी गर्माने लगी है। जी हां कांग्रेस ने केदारनाथ मंदिर के साथ छेड़छाड़ किये जाने पर आक्रोश जताया है। कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता सूरज नेगी ने कहा कि पहले सरकार और मंदिर समिति को केदारनाथ का इतिहास पढ़ लेना चाहिए। ऐसे पौराणिक तीर्थों के साथ छेड़छाड़ करना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि केदारनाथ धाम भाजपा का नहीं है। यहां इस प्रकार की घटना करने से पहले 10 बार विचार-विमर्श करना पड़ता है। लेकिन मंदिर समिति और सरकार बिना किसी को विश्वास में लिए अपनी मनमर्जी से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इसका घोर विरोध करती है और तीर्थ पुरोहितों के साथ खड़ी है।

--आईएएनएस

स्मिता/एएनएम