भारत को डिजिटल पावरहाउस में बदलने के लिए की 5जी की भूमिका (विचार)

वर्ष 2022 न केवल संचार मंत्रालय के लिए बल्कि देश के हर नागरिक के लिए भी गर्व का साल है। स्पेक्ट्रम नीलामी को मिली जबरदस्त प्रतिक्रिया से 5जी प्रौद्योगिकी में जबरदस्त क्रांति आने की उम्मीद है जो बहुआयामी विकास की दिशा में भारत का पहला कदम होगा।
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भारत को डिजिटल पावरहाउस में बदलने के लिए की 5जी की भूमिका (विचार) वर्ष 2022 न केवल संचार मंत्रालय के लिए बल्कि देश के हर नागरिक के लिए भी गर्व का साल है। स्पेक्ट्रम नीलामी को मिली जबरदस्त प्रतिक्रिया से 5जी प्रौद्योगिकी में जबरदस्त क्रांति आने की उम्मीद है जो बहुआयामी विकास की दिशा में भारत का पहला कदम होगा।

5जी अपनी पूरी क्षमता के साथ देश को इस डिजिटल युग में बदलने की क्षमता रखता है। 5जी से निर्बाध कनेक्टिविटी, और मजबूत डेटा उपलब्धता, उपयोगकर्ता अनुभव को बढ़ाने और कई तकनीकी चुनौतियों को हल करने की उम्मीद बंधी है। कोविड के बाद यह समय की आवश्यकता बन गई है। दूरसंचार और ब्रॉडबैंड देश में एक महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे का निर्माण करते हैं।

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हमें खुशी है कि देश में जल्द ही वाणिज्यिक 5जी का शुभारंभ होगा। शुरूआत में यह शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, विनिर्माण, कृषि और ई-गवर्नेंस जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा देने के साथ भारत को वैश्विक मानचित्र पर ले जाएगा। नए जमाने की तकनीक जैसे आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई), वीआर, एमटूएम, जो हाई-स्पीड नेटवर्क पर निर्भर हैं, बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्लेटफॉर्म बनेंगे।

फिलहाल हमारे पास पहले से ही देश में 5जी से युक्त स्मार्टफोन वाले लगभग 100 मिलियन ग्राहक हैं। एरिक्सन मोबिलिटी रिपोर्ट 2022 के अनुसार, 2027 के अंत तक 5जी के 500 मिलियन कनेक्शन होने का अनुमान है, जो कुल मोबाइल ग्राहकों का 40 प्रतिशत है।

2023-2040 में, हमारा अनुमान है कि 5जी प्रौद्योगिकियां भारतीय अर्थव्यवस्था में लगभग 450 बिलियन डॉलर (2040 तक सकल घरेलू उत्पाद का 0.6 प्रतिशत) का योगदान देंगी। नोकिया और एरिक्सन जैसी कंपनियां जिनकी भारत में विनिर्माण सुविधाएं हैं, वे मांग को पूरा करने के लिए 5जी उपकरणों का उत्पादन बढ़ा सकती हैं और 5जी सेवाओं का समर्थन कर सकती हैं।

प्रगतिशील 5जी नवाचार को चलाने के लिए ऑप्टिकल फाइबर केबल्स (ओएफसी) मुख्य धुरी हैं। संचार मंत्रालय ने कमजोर फाइबर कनेक्टिविटी वाले नेटवर्क को तेजी से अपग्रेड करने में मदद करने के लिए बैकहॉल फ्ऱीक्वेंसी को विस्तार देने का निर्णय लिया है। उम्मीद है कि मार्च 2023 तक भारत में लगभग 75,000 5जी साइटें हो जाएंगी।

सरकार को 5जी स्पेक्ट्रम की नीलामी से 1,50,173 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है। बेहतर स्पेक्ट्रम उपलब्धता से सेवा की गुणवत्ता में सुधार होगा और टेलीकॉम हमारे देशवासियों के लिए मजबूत 5जी कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगा। 5जी में डिजिटल क्रांति पैदा कर देश को बदलने की क्षमता है।

5जी नेटवर्क के सपने को साकार करने के लिए, दूरसंचार ऑपरेटरों को नेटवर्क को अपग्रेड करने और सेवाओं की बेहतर गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए आने वाले दो से तीन वर्षों में 2-3 लाख करोड़ रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं।

5जी रोलआउट के लिए भी अधिक मैनपावर की जरूरत होगी जिसके चलते कुछ वर्षों में दूरसंचार क्षेत्र में रोजगार के स्तर में 100 मिलियन से अधिक की वृद्धि हो सकती है। यह दूरसंचार और संबंधित क्षेत्रों को अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा कर सकता है।

दूरसंचार क्षेत्र के महत्व और इसके सुचारू कामकाज को सुनिश्चित करने की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, सरकार ने देश के हर कोने में लास्ट माइल कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड मिशन जैसी पहल की घोषणा की है।

गति शक्ति की शुरूआत - मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी के लिए राष्ट्रीय मास्टर प्लान, समग्र बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 100 लाख करोड़ रुपये की एक राष्ट्रीय परियोजना - भारत नेट और प्रोडक्शन लिंक्ड पर नए सिरे से ध्यान केंद्रित कर एक मजबूत दूरसंचार पारिस्थितिकी तंत्र बनाने की एक और पहल है।

भारत की पहली 5जी स्पेक्ट्रम नीलामी और इसकी सेवाओं को राष्ट्रीय स्तर पर एक मील का पत्थर माना जा रहा है और इसे आजादी का अमृत महोत्सव के लिए एक उपलब्धि के रूप में गिना जा सकता है। 5जी 2025 तक 1 ट्रिलियन डॉलर डिजिटल अर्थव्यवस्था बनने के भारत के ²ष्टिकोण को साकार करने में एक प्रमुख शक्ति होगी। यह नई प्रौद्योगिकियों के उदय का मार्ग भी प्रशस्त करेगी जो डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र को बदल सकती हैं और डिजिटल इंडिया को प्राप्त करने के लिए एक कदम आगे बढ़ा सकती हैं।

स्पेक्ट्रम, दूरसंचार कनेक्टिविटी का बहुत ही महत्वपूर्ण अंग है। स्पेक्ट्रम की उपलब्धता बढ़ने से सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा। स्पेक्ट्रम आवंटन समय सीमा के भीतर पूरा हो जाएगा, और 5जी सेवाएं सितंबर/अक्टूबर तक उपलब्ध होंगी।

इसके अलावा, यह दिखाता है कि दूरसंचार क्षेत्र तेजी से ऊपर की ओर जा रहा है।

(लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. एस.पी. कोचर, सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के महानिदेशक हैं)

--आईएएनएस

एसकेपी