प्रीमियम 700 मेगाहट्र्ज बैंड के साथ जियो ने प्रतिद्वंद्वियों पर बनाई बढ़त

नई दिल्ली, 6 अगस्त (आईएएनएस)। रिलायंस जियो के सभी 22 दूरसंचार सर्किलों या क्षेत्रों में 700 मेगाहट्र्ज प्रीमियम लेने के साथ, कंपनी दिल्ली, कोलकाता, बेंगलुरु, पुणे और चेन्नई जैसे अत्यधिक आबादी वाले शहरों में अपने उपभोक्ताओं को अधिक तेज और कुशल इनडोर 5जी कवरेज प्रदान करने के लिए तैयार है, ताकि वह अधिक ग्राहकों तक पहुंच स्थापित कर सके।
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प्रीमियम 700 मेगाहट्र्ज बैंड के साथ जियो ने प्रतिद्वंद्वियों पर बनाई बढ़त नई दिल्ली, 6 अगस्त (आईएएनएस)। रिलायंस जियो के सभी 22 दूरसंचार सर्किलों या क्षेत्रों में 700 मेगाहट्र्ज प्रीमियम लेने के साथ, कंपनी दिल्ली, कोलकाता, बेंगलुरु, पुणे और चेन्नई जैसे अत्यधिक आबादी वाले शहरों में अपने उपभोक्ताओं को अधिक तेज और कुशल इनडोर 5जी कवरेज प्रदान करने के लिए तैयार है, ताकि वह अधिक ग्राहकों तक पहुंच स्थापित कर सके।

700 मेगाहट्र्ज स्पेक्ट्रम एक टावर के साथ 6-10 किमी सिग्नल रेंज प्रदान कर सकता है और 5जी की पेशकश के लिए एक अच्छा आधार बनाता है।

700 मेगाहट्र्ज बैंड के लिए रिलायंस जियो के नेतृत्व में 39,270 करोड़ रुपये की बोली लगाई गई।

700 मेगाहट्र्ज बैंड का आवंटन नए मोबाइल ब्रॉडबैंड नेटवर्क और क्षमता की तैनाती के लिए अतिरिक्त स्पेक्ट्रम की मांग करते हुए, दूरसंचार उद्योग और नियामकों द्वारा सामना की जाने वाली मोबाइल डेटा विस्फोट चुनौती को पूरा करने के लिए प्रमुख सॉल्यूशंस में से एक है।

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गार्टनर के प्रधान विश्लेषक पुलकित पांडे ने आईएएनएस को बताया कि दूरसंचार कंपनियों द्वारा 700 मेगाहट्र्ज बैंड में रुचि संकेत देती है कि संचार सेवा प्रदाता (सीएसपी) बेहतर इनडोर कवरेज पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जहां 700 मेगाहट्र्ज बैंड एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

पांडे ने कहा, यह बैंड सीएसपी को स्टैंडअलोन 5जी सेवाएं प्रदान करने और नेटवर्क स्लाइसिंग शुरू करने में भी मदद कर सकता है। यह सीएसपी के लिए स्टैंडअलोन 5जी पर काम करना शुरू करने का संकेत हो सकता है।

बेशकीमती 700 मेगाहट्र्ज स्पेक्ट्रम की उपलब्धता का मतलब होगा कि जियो को 3.5 लाख टावरों में से केवल 1 लाख को अपग्रेड करना होगा, ताकि भारत में लक्ष्य 5जी अवसर के 80 प्रतिशत कार्य को पूरा किया जा सके, जबकि उसकी साथी कंपनियों यानी प्रतिद्वंद्वियों को अधिक संख्या में टावरों को अपग्रेड करना होगा।

5जी का यह नया अपग्रेड और फास्ट युग यानी एरा 4जी से 10 गुना तेज और 3जी की तुलना में 30 गुना तेज होगा, जिससे लाखों लोगों को ऐसा अनुभव मिलेगा, जो पहले कभी नहीं देखा गया।

जियो ने कहा कि उसके अद्वितीय 700 मेगाहट्र्ज स्पेक्ट्रम फुटप्रिंट इसे देश भर में सच्ची 5जी सेवाएं प्रदान करने वाला एकमात्र ऑपरेटर बना देगा।

रिलायंस जियो इन्फोकॉम के चेयरमैन आकाश अंबानी ने कहा, जियो के 4जी रोलआउट की गति, पैमाना और सामाजिक प्रभाव दुनिया में कहीं भी बेजोड़ है। अब, एक बड़ी महत्वाकांक्षा और मजबूत संकल्प के साथ, जियो 5जी युग में भारत के मार्च का नेतृत्व करने के लिए तैयार है।

चिप निर्माता क्वालकॉम के अनुसार, 700 मेगाहट्र्ज स्पेक्ट्रम परीक्षण की स्थिति में 300 एमबीपीएस से अधिक डाउनलोड गति प्राप्त कर सकता है।

700 मेगाहट्र्ज स्पेक्ट्रम भी जियो को उद्यमों के लिए 5जी एसए (स्टैंडअलोन) सेवाएं देने में मदद करेगा।

ग्लोबल कंसल्टिंग फर्म एनालिसिस मेसन के एक श्वेत पत्र के अनुसार, एक ऑपरेटर जिसकी 5जी लेयर में सब-गीगाहट्र्ज स्पेक्ट्रम है, वह कुल ग्राहक बाजार के 200-300 आधार अंक (2-3 प्रतिशत) के बीच और उस ऑपरेटर की तुलना में बहुत अधिक संख्या (10 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी लाभ) हासिल कर सकता है, जिसके पास 5जी रोलआउट में सब-गीगाहट्र्ज लेयर नहीं है।

सब-गीगाहट्र्ज बैंड (आमतौर पर 700मेगाहट्र्ज और 900मेगाहट्र्ज की रेंज में) वायरलेस एप्लिकेशंस के लिए आदर्श होते हैं, लंबी दूरी तय करते हैं और कम बिजली की खपत करते हैं।

कंपनी ने कहा, जियो कम से कम समय में 5जी रोलआउट के लिए पूरी तरह से तैयार है, क्योंकि इसकी देश भर में फाइबर उपस्थिति, बिना लीगेसी इन्फ्रास्ट्रक्च र के साथ ऑल-आईपी नेटवर्क, स्वदेशी 5जी स्टैक और टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम में मजबूत वैश्विक साझेदारी है।

इसके साथ ही जियो ने कहा कि उसका 5जी नेटवर्क अगली पीढ़ी के डिजिटल सॉल्यूशंस को सक्षम करेगा, जो भारत के एआई-संचालित मार्च को पांच खरब से अधिक की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में गति देगा।

--आईएएनएस

एकेके/एसकेपी