टैक्‍स के लिए नगर निगम ने भगवान के घर में जड़ा ताला, जानिए पूरा मामला

बांकेबिहारी मंदिर ने नगर निगम ने जड़ा ताला तो गुस्‍साए भक्‍त: टैक्स वसूली में जुटी नगर निगम की टीम ने मंगलवार को भगवान बांकेबिहारी को भी नहीं बख्शा। कमांडो साथ लेकर पहुंची नगर निगम की टीम ने मंदिर का बारातघर, किचन और दफ़तर सील कर दिया। मंदिर के बुजुर्ग पदाधिकारियों से अभद्रता भी की गई। मंदिर में सीलिंग की जानकारी मिलने पर भक्‍तों ने हंगामा व धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। मेयर और शहर विधायक ने लोगों को समझाकर धरने से उठाया।
bankey bihari mandir bareilly
राजेन्द्रनगर के बांके बिहारी मंदिर कैंपस में एक पुराना बारातघर है। इस बारातघर में आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के परिवारों की शादियां होती हैं। जिसका मंदिर नाममात्र का शुल्क वसूलता है। नई टैक्स दरें लागू होने के बाद नगर निगम ने बारातघर पर 60 लाख का टैक्स बकाया निकाल दिया है। टैक्स का बिल आने के बाद मंदिर कमेटी ने मेयर और क्षेत्रीय सभासद सतीश कातिब से इसे ठीक कराने का अनुरोध किया। साथ ही कहा कि अगर नगर निगम टैक्स कम नहीं कर सकता तो वो मंदिर समिति बारातघर बंद कर देगी।

मंगलवार की दोपहर नगर निगम की टीम कर निर्धारण अधिकारी विपिन कुलदीप सिंह, आरपी सिंह सिंह की अगुआई में बांके बिहारी पहुंची। टीम कमांडो के साथ मंदिर में घुसी और सीलिंग शुरू कर दी। मंदिर समिति के बुजुर्ग सदस्य जेपी भाटिया ने इसका विरोध किया तो टीम ने उनके साथ अभद्रता शुरू कर दी। इसी दौरान पंजाबी महासभा के संजय आनंद वहां पहुंचे। उन्होंने सीलिंग का विरोध किया तो कमांडो ने उनसे भी अभद्रता शुरू कर दी। मंदिर में मौजूद महिलाओं ने निगम की टीम को समझाने की कोशिश की तो टीम ने उन्हें भी नहीं बख्शा। इसके बाद मंदिर में हंगामा होने लगा। टीम ने आनन-फानन में मंदिर का बारातघर, समिति का दफ्तर, भगवान का किचन, जेनरेटर रूम और मेन गेट का चैनल सील किया और वहां से भाग गई। चैनल पर ताला डाले जाने के कारण दूसरी तरफ से मंदिर आने का रास्ता बंद हो गया।

मंदिर के कपाट बंद, भक्त बैठे धरने पर
नगर निगम की कार्रवाई से भड़के भक्तों ने मंदिर के कपाट बंद कर दिए और धरने पर बैठ गए। यह खबर शहर की दूसरी मंदिर समितियों तक पहुंची तो तमाम लोग मौके पर पहुंचकर धरने में शामिल हो गए। भाजपा के पूर्व पार्षद गुलशन आनंद की अगुआई में बड़ी संख्या में पंजाबी समाज के लोग मौके पर पहुंच गए। इसके बाद शहर के सभी व्यापार मंडलों के पदाधिकारियों ने भी धरने में शामिल होकर नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी कर दी। गुरुद्वारा प्रबंधन से जुड़े लोग भी धरने में शामिल हो गए और नगर निगम के खिलाफ जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी।

बात बिगड़ने लगी तो दौड़े मेयर और विधायक
बांके बिहारी मंदिर के बाहर धरने में भीड़ बढ़ने लगी तो मेयर डॉ. उमेश गौतम और शहर विधायक डॉ. अरुण कुमार हालात संभालने के लिए मौके पर दौड़े। भीड़ के गुस्से को देखते हुए दोनों ने सील किए गए बारातघर और किचन को देखकर। मेयर ने भगवान से माफी मांगने के बाद नगर निगम की टीम को बुलाकर सील खुलवाई। आरोपी कर्मचारियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। तब जाकर मामला शांत हुआ।

कार्रवाई नहीं हुई तो बंद कर देंगे मंदिरों के कपाट
संजय आनंद ने बताया कि बांकेबिहारी मंदिर समिति के लोग वृंदावन गए हैं। वो देर रात तक लौटेंगे। बुधवार को मंदिर समिति की बैठक होगी। इसके बाद दूसरी मंदिर समिति के पदाधिकारियों के साथ विचार विमर्श किया जाएगा। नगर निगम ने मंदिर में अभद्रता करने वाली टीम को तीन दिन में निलंबित नहीं किया तो शहर के सभी मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाएंगे। भाजपा नेता गुलशन आनंद ने बताया कि इस बारे में मेयर और शहर विधायक को भी बता दिया गया है। निगम की कार्रवाई से मंदिर से जुड़े सभी श्रद्धालु बेहद गुस्से में हैं।

की टीम आज दोपहर बांके बिहारी मंदिर कैंपस में बने बारातघर से टैक्स वसूलने गई थी। बारातघर पर लाखों का बकाया है। टीम ने बताया कि बकाया न मिलने पर बारातघर सील कर दिया था। मंदिर सील नहीं किया गया। बाद में सील खुलवा भी दी गई। लोगों से अभद्रता की बात मेरी जानकारी में नहीं है। इस बारे में अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई है।
–अभिषेक आनंद, नगर आयुक्त

नगर निगम की टीम ने मुझे कोई सूचना दिए बगैर बांके बिहारी मंदिर का बारातघर और किचन सील कर दिया। चैनल पर ताला डालने के बाद दूसरी तरफ से मंदिर में आने का रास्ता बंद हो गया। इससे लोग नाराज होकर धरने पर बैठ गए। मैंने मौके पर जाकर लोगों को समझाकर धरना खत्म कराया। इस तरह की किसी भी कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
–डॉ. उमेश गौमम, मेयर

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