चुनाव आयोग ने मनाया राष्ट्रीय मतदाता दिवस, राष्ट्रपति ने पुरस्कार प्रदान किए

नई दिल्ली, 25 जनवरी (आईएएनएस)। दिल्ली में आज 13वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस समारोह आयोजित हुआ, जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भाग लिया और समारोह को संबोधित किया। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्वारा 2022 के दौरान चुनाव के संचालन में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राज्य और जिला स्तर के अधिकारियों को राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए। बता दें 25 जनवरी को देश में हर साल मतदाता दिवस मनाया जाता है।
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नई दिल्ली, 25 जनवरी (आईएएनएस)। दिल्ली में आज 13वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस समारोह आयोजित हुआ, जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भाग लिया और समारोह को संबोधित किया। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्वारा 2022 के दौरान चुनाव के संचालन में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राज्य और जिला स्तर के अधिकारियों को राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए। बता दें 25 जनवरी को देश में हर साल मतदाता दिवस मनाया जाता है।

कार्यक्रम में केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू सहित अभिनेता पंकज त्रिपाठी, सोनू निगम और सुभाष घई भी मौजूद रहे। चुनाव आयोग द्वारा इस वर्ष का विषय मतदान जैसा कुछ नहीं, मैं अवश्य मतदान करूंगा रखा गया। इस मौके पर मतदाताओं को जागरूक करने के लिए कई भाषाओं में गाया गया एक गीत भी लांच किया गया। इस दौरान राष्ट्रपति द्वारा सर्वश्रेष्ठ निर्वाचन अभ्यास राष्ट्रीय पुरस्कार उन राज्य और जिला स्तर के अधिकारियों को दिया गया जिन्होंने पिछले वर्ष चुनाव के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन किया था।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने संबोधन में सभी मतदाताओं और चुनाव आयोग की टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि महिला मतदाताओं की संख्या बढ़ रही है ये खुशी की बात है। हमारे दोनों सदनों में भी महिलाओं की संख्या 100 से ज्यादा हो गई है। उन्होंने ये भी कहा कि चुनाव आयोग और मतदाताओं का सामूहिक योगदान हमारे देश की चुनावी प्रक्रिया और लोकतंत्र को मजबूत करता है।

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वहीं कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि चुनाव के कर्मचारी परदे के पीछे रहकर काम करते हैं, उनकी सराहना की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि कई लोग चुनाव के दौरान अपनी जान गवां देते है। उन्हें अवार्ड नहीं मिलता। उन्हें भी आज नमन करने का दिन है।

रिजिजू ने बताया कि लोकतंत्र को बचाए रखना बड़ी चुनौती है। चुनाव आयोग निष्पक्ष बना रहेगा तो लोकतंत्र बचा रहेगा।

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किरेन रिजिजू ने कहा कि पहले 18 साल होने पर भी सूची में नाम नहीं होने के चलते बहुत से लोग वोट नहीं दे सकते थे। इसमें हमने बदलाव किया है। वहीं इलेक्टोरल रिफार्म के कई प्रोपोजल अभी सरकार के पास पेंडिंग है, उनपर भी काम किया जा रहा है। रिजिजू ने कहा कि जितने भी दस्तावेज हमारे पास हैं, उनमें से सबसे महत्वपूर्ण वोटिंग कार्ड है। जितना पावर हमारे चुनाव आयोग के पास है, वो दुनिया में कहीं नहीं है।

--आईएएनएस

एसपीटी/एएनएम