केरल के राज्यपाल के विधानसभा संबोधन में सुलह के संकेत, केंद्र के प्रति नरमी: कांग्रेस

तिरुवनंतपुरम, 23 जनवरी (आईएएनएस)। कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष ने सोमवार को केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और पिनाराई विजयन सरकार के बीच नई दोस्ती की आलोचना की, क्योंकि राज्यपाल का अभिभाषण केंद्र के प्रति विशेष रूप से लचीला था।
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केरल के राज्यपाल के विधानसभा संबोधन में सुलह के संकेत, केंद्र के प्रति नरमी: कांग्रेस तिरुवनंतपुरम, 23 जनवरी (आईएएनएस)। कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष ने सोमवार को केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और पिनाराई विजयन सरकार के बीच नई दोस्ती की आलोचना की, क्योंकि राज्यपाल का अभिभाषण केंद्र के प्रति विशेष रूप से लचीला था।

विपक्ष के नेता वी. डी. सतीसन ने कहा, यह स्पष्ट रूप से दिखाता है कि राज्यपाल और सीएम विजयन के बीच समझौता हो गया है, और केंद्र भी एक लाभार्थी है। ऐसा लगता है कि बहुत अधिक विवादित मतभेद जो प्रचलित था, वो अभी भी कहीं न कहीं कायम लगता है और यह एक पैच अप डील के कारण है।

हैरानी की बात तो यह है कि संबोधन में केंद्र के प्रति नरमी दिखाई गई है। इसी तरह संबोधन में किए गए दावे एक झांसे के अलावा और कुछ नहीं हैं। यह मीडिया की आजादी की बात करते है, जो यहां एक बड़ा मजाक है। इसके बाद पुलिस बल को क्लीन चिट देने की बात आती है, जो पूरी तरह से झूठ है, क्योंकि पुलिस और अपराधियों के बीच सांठगांठ की खबरें रोज अखबारों में आती हैं।

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सतीसन ने कहा, चालू वित्त वर्ष के समाप्त होने में सिर्फ एक चौथाई शेष रहने पर योजना कार्यान्वयन 47 प्रतिशत की भयावह स्थिति में है और पूरी कहानी बताता है।

संयोग से, जनवरी के पहले सप्ताह तक चीजें ठीक नहीं थीं, लेकिन बाद म,ें जब सीएम विजयन और गवर्नर खान के बीच सबकुछ बदलने लगा, जब खान साजी चेरियन को शपथ दिलाने के लिए तैयार हो गए और जल्द ही खबर आई कि विजयन सरकार विधानसभा में परपंरागच राज्यपाल के अभिभाषण के साथ आगे बढ़ेगी।

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विजयन सरकार पहले विधानसभा सत्र का विस्तार करने पर विचार कर रही थी, जो दिसंबर में नए साल में आयोजित किया गया था और इस प्रकार खान को अस्वीकार कर दिया गया था।

लेकिन, जब राज्यपाल खान बिना किसी विरोध के साजी चेरियन के शपथ ग्रहण के लिए तैयार हो गए, तो समझौता हो गया।

--आईएएनएस

पीके/सीबीटी