अब शहरी संपत्ति की भी होगी अपनी UID

अगर आप की संपत्ति में शहर में हैं तो आपको बनवाना पड़ेगा इसके लिए यूनिक आईडी नंबर (Unique Identity Number)। सरकार ने संपत्तियों को लेकर होने वाले विवादों और कब्‍जे रोकने के लिए यह खास कदम उठाया है। अब इस नंबर के आधार पर यह बताना आसान हो जाएगा की संपत्ति का असली मालिक कौन है या वह संपत्ति किस श्रेणी में आती है। प्रमुख सचिव नगर विकास मनोज कुमार सिंह ने यूआईडी बनाने के लिए शहरी संपत्‍ति स्वामित्व रिकॉर्ड कमेटी का गठन कर दिया है। जल्द ही इस कमेटी की पहली बैठक होगी जिसमें उसकी कार्यशैली निर्धारित की जाएगी।

Unique Identity Number
Unique Identity Number

इस कमेटी का अध्यक्ष उत्तर प्रदेश नगर पालिका वित्तीय संसाधन विकास बोर्ड के अध्यक्ष राकेश गर्ग को बनाया गया है व सह अध्यक्ष उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष प्रवीण कुमार को बनाया गया है। जीएसआई नामित एक अधिकारी, निदेशक रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर से नामित अधिकारी, मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक, अपर मुख्य सचिव कर निबंधन से नामित अधिकारी, राजस्‍व से एक अधिकारी और संबंधित नगर निगम विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष इसके सदस्य होंगे।

कर्नाटक राज्य में पहले ही सभी संपत्‍तियों को यूआईडी नंबर दे दिया गया है उसी की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी शहरी संपत्तियों को यूनिक आईडी नंबर दिया जाएगा। जिससे एक क्लिक पर ही संपत्ति की पूरी जानकारी मिल जाएगी कि किसके पास कितनी संपत्ति है और किस उपयोग में प्रयोग हो रही है और संपत्ति का असली मालिक कौन है।

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