द ग्रेट खली के जीवन से जुड़े रहस्य, जो हैं बेहद खास, आप जानोगे तो हैरान रह जाओगे

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हिमाचल प्रदेश-न्यूज टुडे नेटवर्क : आज के समय में रेसलिंग एक तरह का धंधा बन चुका है। लेकिन इसके बावजूद भी इसका क्रेज लडक़ों में सबसे अधिक है। आज हम आपको WWE एक ऐसे रेसलर के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसको आज के समय में हर बच्चा बच्चा जानता है। खास बात यह है कि अभी तक इस प्लेयर ने जीत के कई खिताब अपने नाम कर लिए हैं। यह व्यक्ति कोई और नहीं बल्कि मशहूर रेसलर ‘द ग्रेट खली’ हैं। द ग्रेट खली के नाम से मशहूर भारतीय मूल के डब्ल्यूडब्ल्यूई रेसलर का असली नाम दिलीप सिंह राणा है। दिलीप सिंह राणा उर्फ द ग्रेट खली का नाम हिंदू देवी काली के नाम पर पड़ा है, जो आंतरिक शक्ति का प्रतीक मानी जाती हैं। वो रेसलिंग में आने से पहले पंजाब पुलिस में काम करते थे। खली का सीना 56 इंच नहीं, बल्कि 63 इंच है। ये भारतीय रिकॉर्ड है। जानिए खली के बारे में ऐसी रोचक बातें…

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खली का जन्म और संघर्षमय जीवन

22 अगस्त 1972 में जन्मे द गे्रट खली हिमाचल प्रदेश के सिरमोर जिले के एक छोटे से गांव घिरईना में हुआ। वह पंजाबी परिवार से आते हैं। खली के पिता का नाम ज्वाला राम और माता का नाम तांडी देवी था। आज जिसे हम महाबली या द ग्रेट खली के नाम से जानते हैं, हकीकत में उनका पूरा नाम दिलीप सिंह राणा है। द ग्रेट खली के कुल सात भाई और बहने हैं। द ग्रेट खली के पिता खेती का काम करते थे। जिससे उनके घर का खर्चा ही चलता था और घर में गरीबी का माहौल बना रहता था। खली के सातों भाई बहन दिखने में सामान्य थे लेकिन खली का शरीर कुछ अलग ही था और वह बचपन से ही हेल्थी थे। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि एक समय में खली पंजाब पुलिस में अधिकारी के तौर पर काम करते थे लेकिन उनकी किस्मत ने कुछ ऐसी पलटी मारी कि वह पूरी दुनिया के स्टार बन गए। खली का जीवन जितना ऐशो आराम भरा अब दिखता है, उसके पीछे उनका उतना ही संघर्ष भी छिपा हुआ है।

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जब खली उठाते थे पत्थर करते थे मजदूरी

गरीब घर में जन्मे खली का बचपन कुछ खास अच्छा नहीं रहा। अपने घर का खर्च चलाने के लिए खली ने काम करने का फैसला लिया और उन्होंने मजदूरी की। आम तौर पर लोग उनसे भारी भरकम पत्थर उठवाया करते थे। जब खली को ज्यादा कमाने की जरूरत महसूस हुई तो उन्होंने शिमला जाना ठीक समझा और वहां जा कर काम करने लगे। खली के ऊंचे और विशाल कद के चलते हर कोई उन्हें देखता रह जाता। बहुत से लोग खली के शरीर की बनावट का मजाक उड़ा दिया करते थे। खली के लंबे पैरों के कारण उनके साइज के जूते मिलना भी मुश्किल हो जाता। इसलिए वह अक्सर स्पेशल साइज के जूते बनवाया करते थे। हालांकि कभी-कभी उन्हें अपने शरीर पर बहुत गुस्सा आता था, लेकिन वह मजबूर थे और खामोशी के सिवा उनके पास कोई रास्ता ही नहीं बचता था। खली ने घर चलाने के लिए कुछ समय तक वाचमैन की नौकरी भी की।

जब खली की बदल गई किस्मत

जब खली शिमला में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करने लगे, तभी खली को ड्यूटी करते समय पंजाब के एक बड़े पुलिस अफसर एसएस भुल्लर ने देखा। एसएस भुल्लर ने खली को पंजाब पुलिस में नौकरी करने का ऑफर दिया। खली उनका ऑफर सुनकर हैरत में पड़ गए और काफी विचार विमर्श के बाद उन्होंने नौकरी के लिए हामी भर दी। उन्हें अचानक से इतना बदलाव देख कर अपनी चमकती हुई किस्मत पर विश्वास नहीं कर पा रहे थे। खली को शिमला से पंजाब लाने का सारा खर्चा एसएस भुल्लर ने उठाया और 1993 में खली पुलिस में भर्ती हो गए। पुलिस की नौकरी करते-करते खली की दोस्ती अमित स्वामी नामक व्यक्ति से हुई। अमित स्वामी से दोस्ती करने के बाद खली की तो जैसे किस्मत ही बदल गई।

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जब WWE में रखा खली ने कदम

पंजाब में खली ने रेसलर बनने की ठानी और उसके लिए पर्याप्त ट्रेनिंग भी ली। उन दिनों अमेरिका में रेसलिंग सबसे पोपुलर माना जाता था ऐसे में कोई भी भारतीय खिलाडी उनका सामना नही कर पाता था। परंतु साल 2000 में आल प्रो रेसलिंग में उन्हें Gaint Singh के नाम से रिंग में उतारा गया। इस रिंग में खली ने अकेले ही दो पहलवानों को धुल चटा दी। उनकी लगातार जीत को देखते हुए साल 2006 में उन्हें वल्र्ड रेसलिंग एनवायरमेंट(WWE) में शामिल कर दिया। तब से लेकर आज तक खली ने कभी पीछे मुडक़र नहीं देखा। खली रेसलिंग की दुनिया के सबसे लंबे खिलाड़ी हैं। खली की लंबाई 7 फुट 1 इंच है। उनकी ये लंबाई उन्हें बाकियों पर भारी रखती है। खली का वजन 157 किलो है, जो लगभग 347 पाउंड के बराबर है। खली बचपन से ही एक्रोमेगली नाम की बीमारी से पीडि़त हैं, जिस वजह से उनका शरीर असाधारण तरीके से भीमकाय है। इसी रोग की वजह से उनका चेहरा भी कुछ अजीब सा दिखाई देता है। एक्रोमेगली नाम की बीमारी से पीडि़त द ग्रेट खली का पूरा परिवार साधारण कद काठी का है, पर खली के दादा जी की लंबाई 6 फुट 6 इंच थी।

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